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JCB घोटाला अलवर नगर निगम के लिए बना गले की हड्डी, नहीं दे रहे जवाब  

अलवर नगर निगम को जेसीबी घोटाला व 272 करोड़ के नए सफाई बजट को लेकर सरकार को जवाब न देना भारी पड़ गया। अब सरकार ने फिर से रिमाइंडर जारी किया है।

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अलवर नगर निगम की ओर से खरीदी गई दो जेसीबी

अलवर नगर निगम को जेसीबी घोटाला व 272 करोड़ के नए सफाई बजट को लेकर सरकार को जवाब न देना भारी पड़ गया। अब सरकार ने फिर से रिमाइंडर जारी किया है। स्थानीय निकाय विभाग के उप निदेशक विनोद पुरोहित ने कहा है कि यदि जेसीबी घोटाले पर जवाब नहीं दिया गया तो यह समझा जाएगा कि आपने वित्तीय अनियमितता की है।

सफाई बजट पर भी लगे आरोपों की बिंदुवार रिपोर्ट पेश की जाए। साथ ही संबंधित टेंडर से जुड़ी फाइलों की सत्यापित कॉपी दी जाए। अब नगर निगम जवाब देने की तैयारी कर रहा है।

जेसीबी का यह था मामला

नगर निगम ने अप्रैल में दो जेसीबी एक नामचीन कंपनी से खरीदी थीं। इनकी कीमत 70 लाख से ज्यादा है। इसका भुगतान होने ही वाला था कि पत्रिका ने गाजियाबाद नगर निगम की ओर से उसी कंपनी की खरीदी गई सस्ती जेसीबी का खुलासा कर दिया। गाजियाबाद में एक जेसीबी 28 लाख की खरीदी गई।

वहीं अलवर नगर निगम ने 35 लाख में खरीदी। जैसे ही मामला सार्वजनिक हुआ तो सरकार के पास शिकायत पहुंच गई। उप निदेशक ने जवाब मांगा, लेकिन निगम ने हवा में उड़ा दिया। अब दोबारा बिंदुवार जवाब मांगा गया है। वहीं, दूसरी ओर नगर निगम ने इस मामले की अपने स्तर से जांच भी नहीं कराई है। यह मामला भी नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली विधानसभा में उठाएंगे।

सफाई के नए बजट प्रस्ताव को लेकर नगर निगम घिरा हुआ है। सरकार को जवाब तक नहीं दे पा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने विरोध किया। अब उप निदेशक ने इस मामले में रिमाइंडर जारी किया है। कहा है कि यह लापरवाही है।

सरकारी आदेशों की अवहेलना नहीं की जा सकती है, इसलिए लगाए गए आरोपों पर बिंदुवार जवाब दें। इस मामले से जुड़ी फाइलों की सत्यापिक कॉपी भेजी जाए। मालूम हो कि निगम ने नए सफाई बजट का प्रस्ताव 272 करोड़ का तैयार कर सरकार को भेजा था, जो अटका हुआ है।

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