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Success Story: अलवर की बेटी ने किया कमाल, संघर्षों से नहीं मानी हार, अब कर रही लाखों में कमाई

नौगांवा की तारा देवी ने सीमित शिक्षा के बावजूद अचार और परिरक्षित खाद्य उत्पादों के व्यवसाय में बड़ा नाम बनाया है। लाखों रुपए का वार्षिक टर्नओवर और 30 से अधिक महिलाओं को रोजगार देकर वे अलवर जिले में महिला उद्यमिता की मिसाल बनी हैं।

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अलवर

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Rakesh Mishra

Jan 08, 2026

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तारा देवी। फोटो- पत्रिका

नौगांवा। मजबूत इरादों और मेहनत के दम पर शिक्षा की कमी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती। नौगांवा की बेटी तारा देवी ने यह साबित कर दिखाया है। तारा देवी ने सीमित शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बावजूद अचार और परिरक्षित खाद्य पदार्थों के व्यवसाय में लाखों रुपए का वार्षिक टर्नओवर खड़ा किया है।

साथ ही वे गांव की 30-35 महिलाओं को रोजगार देकर अलवर जिले में महिला उद्यमिता की मिसाल बन गई हैं। तारा देवी के तैयार किए गए अचार और अन्य उत्पादों की मांग स्थानीय बाजारों के साथ-साथ गुरुग्राम तक है। वे नींबू, आंवला, केरी, करेला, लहसुन, मिर्च और मिश्रित सब्जियों से बने अचार, चटनी और मुरब्बे का उत्पादन कर रही हैं।

प्रशिक्षण से बदली दिशा

तारा देवी ने बताया कि नौगांवा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र से अचार और मुरब्बा निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। शुरुआती दौर में कुछ कठिनाइयां आईं, लेकिन पति महेश कुमार के सहयोग से कार्य आगे बढ़ा। धीरे-धीरे व्यवसाय ने गति पकड़ी और उनकी आजीविका का मजबूत आधार बन गया।

125 क्विंटल उत्पाद, 18.75 लाख की आय

कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष सुभाष यादव ने बताया कि तारा देवी ने वर्ष 2019-20 में फल-सब्जी परिरक्षण का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर फल और सब्जियों को अचार, चटनी, मुरब्बा और कैंडी के रूप में तैयार कर बिक्री शुरू की।

वे प्रतिवर्ष औसतन 125 क्विंटल परिरक्षित उत्पाद तैयार कर विक्रय कर रही हैं, जिससे उन्हें लगभग 18.75 लाख रुपए की वार्षिक सकल आय हो रही है। वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं और युवाओं को भी इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। तहसील और जिला स्तर की प्रदर्शनियों व मेलों में उत्पादों की प्रदर्शनी लगाकर वे महिला सशक्तिकरण का संदेश दे रही हैं।

कई बार मिल चुका सम्मान

तारा देवी को फल-सब्जी परिरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2020 में कलक्टर अलवर से सम्मान, वर्ष 2021 में नाबार्ड की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 'महिला शक्ति सम्मान' मिला।


वर्ष 2022 में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद की ओर से जयपुर में महिला समानता दिवस मेला में प्रशस्ति पत्र, वर्ष 2023 व 2024 में जयपुर सरस राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला में सहभागिता के लिए प्रशस्ति पत्र तथा वर्ष 2024 में नाबार्ड और सखी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की ओर से ग्रामीण महिलाओं में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए सम्मान मिल चुका है।