
रूस में एमबीबीएस छात्र अजीत चौधरी का शव मिलने के सात दिन बाद भी भारत नहीं लाया जा सका है। इससे क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। गुरुवार को इसी आक्रोश के चलते लक्ष्मणगढ़ कस्बा पूर्ण रूप से बंद रहा। निजी स्कूलों सहित बाजारों ने भी स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध जताया।
बता दें कि बुधवार को भी कस्बे में बड़ी संख्या में लोग भगत सिंह चौराहे पर एकत्र होकर सांकेतिक धरने पर बैठे थे। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की थी कि अजीत चौधरी का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि परिजन अंतिम संस्कार कर सकें।
लोगों का कहना है कि रूस में पोस्टमार्टम तक नहीं हो पाया है, जिससे परिजन मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। क्षेत्र में सुबह से ही बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और आमजन ने अजीत को श्रद्धांजलि स्वरूप बंद में सहयोग दिया। स्थानीय लोगों ने सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग दोहराई है ताकि परिवार को न्याय मिल सके।
Updated on:
13 Nov 2025, 2:25 PM IST
Published on:
13 Nov 2025, 2:25 PM IST
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