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जानिए अलवर जिले के किन दिग्गजों की सीटें फंसी ?

अलवर जिले में विधानसभा चुनाव में कई दिग्गजों की सीटें कड़े मुकाबले में फंसी हुई है, इनमें सांसद बालकनाथ, मंत्री टीकाराम जूली, शकुंतला रावत, विधायक जौहरीलाल समेत कई नेताओं की सीटें शामिल हैं।

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जानिए अलवर जिले के किन दिग्गजों की सीटें फंसी

जानिए अलवर जिले के किन दिग्गजों की सीटें फंसी

विधानसभा चुनाव प्रचार अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही सीटों पर मुकाबला लगभग तय होेने लगा है। मुकाबले की उभरी तस्वीर में अभी तक कांग्रेस व भाजपा के कई दिग्गजों की सीट कड़े मुकाबले में फंसी दिखाई पड़ रही है। वहीं कुछ सीटों पर अपने ही बागी उनका चुनावी गणित बिगाड़ते नजर आ रहे हैं। कांगेस व भाजपा ज्यादातर सीटों पर आमने- सामने हैं, लेकिन कुछ अभी त्रिकोणीय व चतुष्कोणीय मुकाबले में फंसी है।

अलवर जिले में 11 सीटों पर चुनावी तस्वीर अब साफ होने लगी है। सबसे ज्यादा चर्चा जिले की हॉट सीटों की है। छह सीट अलवर जिले में हॉट सीट मानी जा रही है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा तिजारा सीट को लेकर है। इसका कारण यहां भाजपा की ओर से अलवर सांसद महंत बालकनाथ को चुनाव मैदान में उतारना रहा है।

साथ ही बसपा का टिकट छोड़ कांग्रेस में शामिल होकर मात्र 11 घंटे में टिकट लेने वाले कांग्रेस प्रत्याशी इमरान खान है। मेवात की यह सीट ध्रुवीकरण के चलते इन दिनों अलवर जिला ही नहीं पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी है। यहां कांग्रेस व भाजपा के बीच कड़ा संघर्ष है और मतदान से तीन दिन पूर्व तक दोनों प्रत्याशी कड़ी टक्कर में फंसे हैं।

दो मंत्री व तीन पूर्व मंत्री भी कड़ी टक्कर में फंसे

इस बार विधानसभा चुनाव में वर्तमान राज्य सरकार के दो वर्तमान कैबिनेट मंत्री टीकाराम जूली अलवर ग्रामीण सीट एवं शकुंतला रावत बानसूर सीट से चुनाव लड़ रही हैं। इनमें जूली की भाजपा के पूर्व विधायक जयराम जाटव से सीधी टक्कर एवं शकुंतला रावत त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी हैं। यहां भाजपा के देवीसिंह शेखावत व असपा के प्रत्याशी पूर्व मंत्री डॉ रोहिताश्व शर्मा मंत्री रावत को कड़ी टक्कर देते दिखाई पड़ रहे हैं।

वहीं बहरोड़ से भाजपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री डॉ. जसवंत यादव, कांग्रेस के संजय यादव एवं राष्ट्रीय जनता सेना के प्रत्याशी एवं मौजूदा विधायक बलजीत यादव से त्रिकोणीय संघर्ष में फंसे हैं। वहीं थानागाजी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना यहां कांग्रेस के कांति मीणा से कड़ी टक्कर में फंसे हैं। यहां पूर्व मंत्री भड़ाना को अपने ही बागियों से भी लोहा लेना पड़ रहा है। वहीं कठूमर में पूर्व मंत्री मंगलराम कोली निर्दलीय चुनाव लड़ चुनाव में अपनी उपिस्थति दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं। यहां भाजपा से पूर्व विधायक रमेश खींची व कांग्रेस से संजना जाटव चुनाव मैदान में हैँ।

इन सीटों की चर्चा भी कम नहीं

अलवर जिले में कुछ सीटें ऐसी भी हैं, जो भले ही हॉट सीट नहीं हो, लेकिन चुनाव में उनकी चर्चा खूब है। इनमें जिला मुख्यालय की अलवर शहर सीट की चर्चा खूब है। यहां भाजपा प्रत्याशी संजय शर्मा व कांग्रेस के अजय अग्रवाल के बीच मुकाबला है। दोनों ही अलवर के चर्चित चेहरे हैं। वहीं रामगढ़ के चुनाव को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है। यहां कांग्रेस से मेवात विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक जुबेर खान की भाजपा प्रत्याशी जय आहूजा एवं असपा प्रत्याशी एवं भाजपा के बागी सुखवंत सिंह से मुकाबला है। भाजपा प्रत्याशी पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा के भतीजे हैं। साथ ही मुंडावर की सीट भी चर्चा में हैं।

यहां भाजपा प्रत्याशी वर्तमान विधायक मंजीत चौधरी का कांग्रेस के ललित यादव से मुकाबला है। कांग्रेस की बागी असपा प्रत्याशी अंजलि यादव से भी उन्हें जूझना पड़ रहा है। वहीं किशनगढ़बास भी त्रिकोणीय मुकाबले के चलते चर्चा में हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी पूर्व विधायक रामहेत यादव का कांग्रेस के वर्तमान विधायक दीपचंद खैरिया से मुकाबला है, लेकिन यहां कांग्रेस की बागी बसपा प्रत्याशी सिमरनजीत कौर ने मुकाबले को रोचक बना दिया है।

राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ पर सबकी नजर

राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ सीट पर ज्यादातर लोगों की नजर है। यहां कांग्रेस के मांगेलाल मीणा का मुकाबला भाजपा के बन्नाराम मीणा से है। यहां से वर्तमान विधायक जौहरीलाल मीणा एवं कांग्रेस के दो और बागी नेता निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा के बागी विजय मीणा भी मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं।