
दीपोत्सव की शुरुआत 29 अक्टूबर को धनतेरस के साथ होगी। शुभ मुहूर्त में धनतेरस पर बाजार में जमकर खरीदारी होगी। बर्तन, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, वाहन सहित कई चीजों की खरीदारी होगी। इस दिन सोना-चांदी की ज्वेलरी, तांबा-पीतल व स्टील के बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्री खरीदना अत्यंत मंगलदायी होगा। इस दिन धनवंतरी वैद्य समुद्र से अमृत कलश लेकर आए थे, इसलिए धनतेरस को धनवंतरी जयंती भी कहते हैं।
अलवर शहर के सर्राफा बाजार में जहां बर्तनों की दुकानों पर अतिरिक्त स्टॉक आया है। वहीं मन्नी का बड़ पर फर्नीचर के शौरूम भी सजकर तैयार हो गए हैँ। कपडों के लिए मनुमार्ग पर रेडीमेड गारमेंटस के शोरूम सजे हैं व इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के लिए भगत सिंह सर्किल व अंबेडकर सर्किल व आसपास के बाजारों में तैयारियां की गई है। दोपहिया व चौपहिया वाहनों के कालीमेारी फाटक, अग्रसेन ओवरब्रिज, मूंगस्का सहित अन्य वाहन शोरूमों में सजावट की गई है। ज्वेलरी के लिए बजाजा बाजार, होपसर्कस, तिलक मार्केट व रोड नंबर दो सहित अन्य सर्राफा व्यवसायियों ने ग्राहकों के लिए विशेष तैयारी की है।
शहर के बाजारों में रविवार को ग्राहकों की जबर्दस्त भीड़ रही। होप सर्कस, बजाजा बाजार, सर्राफा बाजार, घंटाघर सहित आसपास के सभी बाजारों में पैर रखने की जगह तक नहीं मिली। लोगों ने घरेलू सामान के अलावा सजावटी सामान, कपड़े और मां लक्ष्मी को भोग लगाने के लिए प्रसाद खरीदा। महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन खरीदे तो पुरुषों ने भी पार्टी वियर खरीदे। रात तक बाजार ग्राहकों से आबाद नजर आए।
धनतेरस पर संयोगवश मंगलवार होने से भौम प्रदोष रहेगा, वहीं प्रजापति योग का महासंयोग भी पड़ रहा है, जो खरीदारी के लिए महाफलदायी रहेगा। खरीदारी के लिए तो यह दिन अबूझ मुहूर्त का रहेगा। त्रयोदशी तिथि दिनभर रहेगी। इसलिए दिन भर खरीदारी हो सकेगी।
Published on:
28 Oct 2024 01:52 pm
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
