
फाइल फोटो: पत्रिका
- देश के 26 स्टेडियम में से 16 ने दिया जवाब, वह भी अधूरा, अब दोबारा मांगा, 10 स्टेडियम ने नहीं दिया जवाब, उन्हें बचाव का नहीं मिलेगा आगे मौका
Alwar : एनजीटी ने देशभर के क्रिकेट स्टेडियमों में प्रयोग किए जा रहे भूजल को लेकर नाराजगी जाहिर की है। कहा है कि क्या क्रिकेट स्टेडियम भूजल की कमी के बाद भी इस पानी से मैदान की सिंचाई करना चाहते हैं?एनजीटी ने उस बात पर भी नाराजगी जताई है कि देश के सभी स्टेडियम ने मांगी गई जानकारी पूरी नहीं दी है। उन्होंने 26 में से 16 स्टेडियम से दोबारा पूरी जानकारी चार सप्ताह में तलब की है। 10 स्टेडियम को कोर्ट ने सुनवाई से बाहर कर दिया है। क्योंकि बार-बार कहने पर भी इन्होंने ग्राउंड वाटर आदि की रिपोर्ट नहीं दी। अब इन्हें अपने बचाव के लिए दोबारा मौका नहीं मिलेगा। कोर्ट सीधे कार्रवाई करेगा।
जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव ने इस प्रकरण पर सुनवाई की। अलवर के हैदर अली ने एनजीटी में दायर याचिका में कहा था कि क्रिकेट स्टेडियम सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पानी का सिंचाई में प्रयोग न करके ग्राउंड वाटर का प्रयोग कर रहे हैं। इसी को लेकर कोर्ट ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण के नेतृत्व में कमेटी बनाई और सभी स्टेडियम से बोरवेल की स्थिति, भूजल निकासी की सीमा, बोरवेल के लिए अनुमति, एसटीपी उपचारित जल के उपयोग की स्थिति, स्टेडियमों में स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणाली की स्थिति और लगाए गए पर्यावरण मुआवजा की जानकारी मांगी थी। प्राधिकरण ने 16 स्टेडियम की जानकारी साझा की, लेकिन उसमें भी समुचित जानकारी नहीं थी। अब इन स्टेडियम की जानकारी आने के बाद अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।
Updated on:
03 Jun 2025 08:17 pm
Published on:
03 Jun 2025 08:17 pm
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