
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/शाहजहांपुर। अलवर जिले के मुंडावर उपखंड के मुण्डनवाड़ा कला ग्राम पंचायत के शहजादपुर गांव में बुधवार रात सर्दी से बचाव के लिए कोयले की अंगीठी जलाकर बंद कमरे में सोए वृद्ध दंपती के दम घुटने से मौत हो गई।
स्थानीय सरपंच दलीप सिंह यादव के अनुसार मामचंद चौधरी 82 वर्ष व उसकी पत्नी छम्मा देवी 77 वर्ष बुधवार रात को अपने निजी मकान के एक कमरे में कोयले की अंगीठी जलाकर सर्दी से बचने का उपाय कर सोए थे। लेकिन आक्सीजन की कमी के चलते उनका दम घुट गया और दोनों सुबह नहीं उठे।
कमरे के जंगले खिड़किया भी कर रखी थी पैक
कमरे के जंगले, खिड़कियों से ठंडी हवा ना आ सके इसके लिए भी कागज व कपड़े लगाए हुए थे। रात को कमरे का दरवाजा बंद कर वृद्ध दम्पती के सो जाने के दौरान कोयले की तपन से आई ऑक्सीजन की कमी के चलते दम घुटने लगा तो वृद्धा छम्मा देवी उठकर दरवाजे तक पहुंची भी। परंतु दम घुटने से सांस लेने में हुई परेशानी के चलते दरवाजे के समीप ही गिर जाने से मौत हो गई।
सुबह जल्दी उठकर नित्यकार्य करने वाले दम्पती के सुबह करीब 11 बजे तक भी कमरे से बाहर नहीं आने पर उनकी पुत्रवधु कविता चौधरी देखने गई। जब उसने दरवाजा देखा तो वह भी अंदर से बंद मिला। इस पर पुत्रवधू ने आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। वह घबराकर मदद के लिए पड़ोसियों को बुलाने के लिए दौड़ी।
सार्वजनिक स्थान पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई और कविता के कहे अनुसार बचाव के लिए कमरे की ओर आए। जहां दरवाजे के किवाड़ उतार कर देखा तो छम्मा दरवाजे के समीप व वृद्ध मामचंद चारपाई पर मृत पड़े मिले। सूचना पाकर मौके पर ग्रामीण एकत्रित हो गए।
Published on:
23 Dec 2022 12:13 pm
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