
representative picture (patrika)
अलवर शहर के स्कीम नंबर एक क्षेत्र में रहने वाली बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर सवा करोड़ रुपए की साइबर ठगी मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ जारी है। पुलिस मालूम कर रही है कि इस पूरे मामले में कितने लोग संलिप्त हैं। साथ ही पूछताछ में यह भी पता लगाया जा रहा है कि महिला के संबंध में आरोपियों को जानकारी कहां से मिली। सबसे बड़ी बात यह है कि शहर में कई ऐसे बुजुर्ग हैं, जो अकेले रहते हैं।
ऐसे में अन्य के साथ भी इस तरह की वारदात हो सकती है। पुलिस पूरी तह तक मामले की जांच में जुटी है। गौरतलब है कि मकान नंबर 149, स्कीम नंबर एक निवासी रीटा (76) पत्नी जगदीश कटारिया ने मंगलवार को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि उसके पास खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले साइबर ठगों के फोन आए। ठगों ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उसका नाम सामने आया है।
आरोप है कि ठगों ने महिला को लगातार कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और केस से नाम हटाने के एवज में पैसों की मांग की। 15 से 21 दिसंबर के बीच लगातार कॉल आने से घबराई महिला ने आरटीजीएस के माध्यम से ठगों को कुल 1 करोड़ 25 लाख 5 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 56 लाख रुपए की राशि को होल्ड करवा दिया है। मामले की जांच जारी है।
Updated on:
25 Dec 2025 11:55 am
Published on:
25 Dec 2025 11:55 am
