6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जनाना अस्पताल में घुसा पैंथर, मरीजों की जान सांसत में

सडक़ पर लगाई दौड़, पीछे पीछे वन विभाग की टीममरेठिया बास स्थित झाडिय़ों में किया साढ़े तीन घंटे में पैंथर को रेसक्यू किया

3 min read
Google source verification
जनाना अस्पताल में घुसा पैंथर, मरीजों की जान सांसत में

जनाना अस्पताल में घुसा पैंथर, मरीजों की जान सांसत में

अलवर. शहर के जनाना अस्पताल में पैंथर घुस गया। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे यह नजर आया। जिसे देख अस्पताल में हडक़म्प मच गया। मरीजों सहित अन्य लोगों की जान सांसत में आ गई। इसके बाद पैंथर अस्पताल से छलांग मार केडलगंज के व्यस्तम मार्ग से दौड़ते हुए मरेठियाबास स्थित एक बड़े भूखण्ड की झाडिय़ों में छिप गया। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने पैंथर को ट्रैंकुलाइज कर रेसक्यू कर लिया और उसे सरिस्का क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
शहर के बिजलीघर चौराहा के निकट स्थित जनाना अस्पताल में पैंथर घुस आया और नर्सिंग गल्र्स हॉस्टल के आसपास चला गया। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे महिला स्वावलम्बन केंद्र की कुसुम गुप्ता ने सबसे पहले पैंथर को सुलभ शौचालय की छत पर देखा। पैंथर को देख महिला कुसुम शोर मचाते हुए भागी और गार्ड रूम के अंदर घुस गई। शोर सुनकर पैंथर वहां से छलांग लगाकर भागा और जनाना अस्पताल परिसर में झाडिय़ों छिप गया। पैंथर की सूचना अस्पताल में आग की तरफ से फैल गई। मरीज और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। पैंथर की सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी टीम सहित पहुंचे और पैंथर को तलाशने में लग गए। करीब दो घंटे बाद वन विभाग के कर्मचारियों को पैंथर नजर आया। पैंथर को टैंकुलाइज करने के लिए डॉट लगाया गया, लेकिन डॉट लगने के बाद पैंथर वहां से दीवार फांदकर केड़लगंज रोड से होते हुए भागा और मरेठिया बास स्थित हनुमान बगीची के खाली भूखण्ड में झाडिय़ों में जाकर छिप गया। पैंथर के पीछे-पीछे पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची। इसके बाद वनकर्मियों ने दो गाडिय़ों मेंं बैठकर झाडिय़ों में पैंथर की तलाश शुरू की। शाम करीब 5.15 बजे वन विभाग की टीम को पैंथर झाडिय़ों में बैठा नजर आया। वन विभाग टीम के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. दीनदयाल मीणा ने डॉट लगाकर पैंथर को टैंकुलाइज किया। करीब 15 मिनट बाद शाम 5.30 बजे पैंथर को रेसक्यू कर लिया गया। इसके बाद पैंथर को ङ्क्षपजरे में डालकर टीम वहां से रवाना हो गई। रेसक्यू ऑपरेशन के दौरान डीएफओ अपूर्व कृष्ण श्रीवास्तव, डीएफओ जगदीश प्रसाद दहिया, एसीएफ राजीव पाठक, रेंजर शंकर ङ्क्षसह और डॉ. दीनदयाल सहित डीएसपी हरिङ्क्षसह धायल, कोतवाल राजेश शर्मा सहित पुलिस और वन विभाग की टीम मौजूद रही।

अस्पताल के गेट-खिडक़ी बंद कराए, हथियारबंद गार्ड तैनात किए
जनाना अस्पताल में पैंथर घुसने की सूचना के बाद पहुंचे जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने सभी मरीज और उनके परिजनों को अस्पताल के अंदर कर दिया और एहतियात के तौर पर अस्पताल और नर्सिंग गल्र्स हॉस्टल के सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद करा दी गई। साथ ही अस्पताल के गेट पर हथियारबंद सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए गए।

सडक़ पर दौड़ी दहशत, पैंथर को देखने छतों पर चढ़े लोग
शहर में पैंथर के आने की सूचना से जनाना अस्पताल परिसर में लोगों में दहशत फैल गई। पैँथर को देखने के लिए नर्सिंग हॉस्टल की छात्राएं और अस्पताल स्टाफ छतों पर चढ़ गया। जब पैंथर अस्पताल से निकलकर केडलगंज बाजार की तरफ भागा तो लोगों की सांसें थम गई। दुकानदार घबरा गए और उनमें भगदड़ मच गई। मरेठियाबास हनुमान बगीची के बाहर पैंथर को देखने के लिए सैंकड़ों लोग जमा हो गए। आसपास के घरों में सैकड़ों लोग छतों पर चढक़र ये नजारा देखते रहे।


पैंथर को सामने देख घबराया और बाइक वापस घुमा भागा
नर्सिंग हॉस्टल के मैस कर्मचारी अमर ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे वह बाइक लेकर जनाना अस्पताल में घुसा तो वहां हॉस्टल के पास उसे पैंथर खड़ा दिखाई दिया, जिसे देख वह घबरा गया। उसने अपनी बाइक को तुरंत वापस घुमाया और वह भाग गया। इसके बाद उसने अन्य लोगों को पैंथर के बारे में बताया।


शहर में पहले भी तीन बार आ चुका है पैंथर
अलवर शहर में पैंथर घुसने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले मार्च-2019 में शहर के स्कीम-एक कॉलोनी में सुबह पैंथर घुस गया था, जिससे कॉलोनी में हडक़म्प मच गया था। पैंथर घर से निकलकर कॉलोनी में इधर-उधर भागता रहा। करीब 7 घंटे बाद पैंथर को रेसक्यू किया गया था। वहीं, इसके कुछ दिन बाद अप्रेल-2019 में शहर के जीडी कॉलेज के सामने स्थित जयकृष्ण क्लब में पैंथर आ गया था। जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीम ने करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद पैंथर को पकड़ा था। करीब दो दशक पहले पैंथर जिला कलक्टर निवास में भी घुस गया था।


नर पैंथर को रेसक्यू किया
शहर में शनिवार को करीब साढ़े तीन साल का नर पैंथर घुस आया था। पुलिस और वन विभाग की टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे बाद पैंथर को टैंकुलाइज कर पकड़ लिया और सरिस्का क्षेत्र में छोड़ दिया। पैंथर ने किसी को घायल नहीं किया है।
- शंकर ङ्क्षसह, रेंजर, वन विभाग, अलवर।