
Papla Gujjar को छुड़ाने वाले बदमाश की गाड़ी में घूमता था बहरोड़ पुलिस का अधिकारी, खुलासे के बाद मचा हडक़ंप
अलवर. Papla Gujjar : अलवर जिले के ( Behror Police Station ) बहरोड़ थाने में फायरिंग कर ( Papla Gujjar ) पपला गुर्जर को छुड़ाने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने जिस हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है, उसकी कार को बहरोड़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी इस्तेमाल करता था। एसओजी की टीम ने बहरोड़ के जखराणा सरंपच विनोद स्वामी को गिरफ्तार किया है। विनोद स्वामी बहरोड़ क्षेत्र अवैध शराब माफिया है। विनोद स्वामी ने पपला को भगाने और इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाई है। सूत्रों के अनुसार एक काले रंग की स्कॉर्पियो पिछले तीन माह से बहरोड़ थाने के अंदर और आसपास खड़ी रहती थी।
पुलिस अधिकारी की गाड़ी का एक्सीडेंट होने के बाद वो अधिकारी विनोद स्वामी की काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी इस्तेमाल करने लगा। इसी दौरान बहरोड़ थानाधिकारी विनोद स्वामी के संपर्क में आ गया।
अब बहरोड़ थाना जांच में शामिल नहीं
पपला गुर्जर व उसके साथियों की तलाश में स्पेशल टीमें काम कर रही हैं। बहरोड़ थाने को इससे दूर रखा गया है। बहरोड़ थाना पुलिस पर बदमाशों से मिलीभगत होने की संभावना पर जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय से यह निर्देश दिए गए हैं। मुख्यालय के एक अधिकारी ने नाम नहीं उजागर करने पर बताया कि थाना में उपस्थित पुलिसकर्मी पपला से बरामद हुए करीब 31 लाख रुपए डकारना चाहते थे। इसके चलते पूरी थाना पुलिस को पपला गैंग की तलाश में शामिल नहीं किया गया है।
प्लान बदला और थाने में से छुड़ा लिया
पुलिस पूछताछ में सरपंच विनोद स्वामी ने कुबूला है कि पहले पपला को कोर्ट में पेश करते हुए भगाने की बात तय हुई थी, लेकिन गैंग के एक सदस्य ने इससे इनकार कर दिया, उसने कहा कि पपला के बारे में हरियाणा पुलिस को पता चल गया तो वे बहरोड़ थाना पुलिस को आगाह कर देंगे। इसके बाद गैंग ने पपला को हवालात से छुड़ाने का प्लान बनाया और आधे घंटे पहले ही बहरोड़ थाने पर एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग कर पपला को छुड़ा लिया। इससे पहले थाने की रैकी भी की गई थी।
Published on:
09 Sept 2019 02:02 pm
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