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बदलते मौसम में हो जाएं सावधान! अस्पतालों जमकर पहुंच रहे मरीज, सुबह से ही काउंटर पर लग रही भीड़

राजस्थान में बदलते मौसम की वजह से पेट से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अलवर की अस्पतालों में जमकर भीड़ हो रही है। ज्यादातर मरीजों की संख्या उल्टी, दस्त और वारयल बीमारियों से जुड़ी हैं।

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अलवर

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Santosh Trivedi

May 05, 2025

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मरीज का इलाज करते चिकित्सक। (फाइल)

अलवर । बदलता मौसम लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। कभी तेज गर्मी तो कभी बारिश का असर अस्पतालों में देखने को मिल रहा है। बहरोड़-कोटपूतली, खैरथल-तिजारा और अलवर जिले के अस्पतालों में उल्टी-दस्त, खांसी-बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।

मरीजों की सुबह से ही लाइन लग रही है। विशेषकर बच्चे उल्टी दस्त और पेट दर्द के ज्यादा शिकार हो रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं नाकाफी हैं। कहीं बेड कम हैं तो कहीं स्टाफ की कमी खल रही है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

खैरथल की सेटेलाइट अस्पताल में रोजाना 600 मरीज

खैरथल में मौजूद सेटेलाइट अस्पताल में इन दिनों उल्टी, दस्त, बुखार व पेट जनित बीमारियों के मरीज भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। 550 से 600 तक ओपीडी चल रही है। रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को अन्यत्र जाना पड़ता है। यहां स्टाफ की कमी भी बड़ी समस्या है। अस्पताल में पचास बेड स्वीकृत है लेकिन जगह नहीं होने से तीस बेड ही उपलब्ध हैं, जिन पर मरीज भर्ती किए गए हैं।

बच्चे व बुजुर्ग आ रहे वायरल की चपेट में

मुंडावर में इन दिनों वायरल रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, वहीं लोग वायरस की चपेट में आ रहे हैं। सामुदायिक चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ। सुरेंद्र यादव के अनुसार चिकित्सालय में इन दिनों उल्टी, दस्त एवं पेट दर्द के रोगियों में अचानक बढ़ोतरी हुई है। वायरल की चपेट में ज्यादातर बच्चे एवं वृद्धजन आ रहे हैं।

छोटे बच्चों में लू-तापघात की सबसे अधिक समस्या

बहरोड़ जिला अस्पताल में रोजाना 1500 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। दिनभर मरीजों की कतार लगी रहती है। बड़ी संख्या में मरीजों को चिकित्सक भर्ती तक कर रहे हैं। चिकित्सा प्रभारी डॉ। सुरेश यादव ने बताया कि अस्पताल में इन दिनों उल्टी, बुखार, डिहाइड्रेशन, दस्त जैसी बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ। पंकज यादव ने बताया कि छोटे बच्चों में लू-तापघात की सबसे अधिक समस्या बनी हुई है।

बेड कम होने से दो घंटे में दे रहे मरीजों को छुट्टी

गोविंदगढ़ अस्पताल में ओपीडी 800 से 1000 तक पहुंच गई है। ऐसे में ओपीडी में 200 से 300 मरीज भर्ती हो रहे हैं, जबकि बेड की संया 10 है। बेड कम होने के कारण मरीजों को दो घंटे में छुट्टी देना मजबूरी बन गई है। स्वास्थ्य केंद्र के इंचार्ज एसके शर्मा ने समय-समय पर बच्चों को पानी पिलाते रहने और कमरे के तापमान को सामान्य बनाए रखने की सलाह दी है।

राजगढ़ में ओपीडी 1800 पहुंची

राजगढ़ में इस समय रोजाना 1700 से 1800 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। सीएचसी में कुल 75 बेड लगे हैं लेकिन वो पर्याप्त नहीं हैं। सौ बेड की मांग चल रही है। पेट दर्द, बदन दर्द, बुखार आदि के करीब दो दर्जन मरीज प्रतिदिन वार्ड में भर्ती किए जा रहे हैं।

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