
Patrika Mahila Suraksha Abhiyaan: महिलाओं के साथ आपराधिक घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हर दिन कहीं न कहीं महिलाओं और बालिकाओं के साथ अपराध हो रहे हैं। इस तरह की घटनाओं के चलते महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस करती हैं और घर परिवार में भी उन पर पाबंदी लगनी शुरू हो जाती हैं।
ऐसे हालातों में महिलाओं को सशक्त होने और एक दूसरे के लिए खड़े होने की आवश्यकता है। राजस्थान पत्रिका ने पत्रिका रक्षा कवच अभियान के तहत ‘महिला अपराध’ विषय पर जयपुर रोड पर डस्क एंड डाइन होटल में टॉक शो का आयोजन किया। इसमें मनुमार्ग किटी क्लब की महिलाओं ने कहा कि पत्रिका का यह अभियान नारी शक्ति को समर्पित है। जरूरत है कि हर घर तक यह अभियान पहुंचे और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इसका लाभ मिले। महिलाओं कहा कि जब हम एक दूसरे के लिए आवाज उठाएंगे तब ही महिला अपराधों पर रोक लग सकती है। महिलाएं घर के बाहर और घर के अंदर एक दूसरे को मजबूत बनाएं।
महिला व बालिकाओं पर हो रहे अपराधों को रोकने के लिए जागरुकता के कार्यक्रम समय समय पर किए जाने चाहिए, जिसमें ज्यादा से ज्यादा महिलाएं भागीदार बनें। इससे महिलाएं मानसिक रूप से मजबूर बनती हैं। यदि किसी के साथ गलत हो रहा है तो मिलकर आवाज उठाएं।
सरकार व प्रशासन महिला सुरक्षा के बड़े बड़े दावे करता है, लेकिन धरातल पर काम नहीं हो रहा है। ऐसे में महिलाओं को मिलकर ऐसे अपराधों के प्रति सावचेत रहना हो। एक महिला जागरुक होती है तो वह पूरे परिवार व पडोसियों को भी जागरुक कर सकती है। ऑनलाइन ठगी कैसे होती है कैसे बचा जा सकता है इसकी जानकारी होनी आवश्यक है।
अक्सर यह माना जाता है कि अशिक्षित महिलाएं साइबर ठगी का शिकार होती हैं, लेकिन अब देखा जा रहा है कि पढ़ी लिखी महिलाएं भी इस तरह के अपराध का शिकार हो रही हैं। महिलाओं को जागरुक रहना होगा, तभी ऐसे अपराधों से बचा जा सकता है। पत्रिका की यह पहल अच्छी है।
आजकल महिलाएं सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा सक्रिय हैं। उन्हें यह पता नहीं होता है कि उनके डाले गए वीडियो व फोटो का किस तरह से दुरुपयोग किया जा सकता है। पत्रिका के रक्षा कवच अभियान के जरिए ऐसे मुद्दों पर महिलाओं को जागरुक करने में महिला मंडल सहयोगी बन सकते हैं।
महिलाओं की सुरक्षा तभी होगी जब हम अपने परिवार में बेटों को भी अच्छे संस्कार देंगे। बेटों को भी महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं। जब बेटी गलत करती या बोलती है तो उसे हम रोकते हैं। ऐसे ही बेटे को भी गलत करने पर टोका जाए, तभी गलत करने पर रोक लगेगी।
हमें जरूरत है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को कानूनी रूप से जागरुक करें, उनको बताएं कि किस तरह से वो मुसीबत के वक्त खुद को सुरक्षित रख सकती हैं। सबसे पहले सहायता कहां पर मिल सकती है, रेल व बस में कैसे सहायता मिले। यदि इन सबकी जानकारी हो तो महिलाएं काफी हद तक सुरक्षित रह सकती हैं।
जब हम एक दूसरे के लिए आवाज उठाएंगे तो ही महिला अपराधों पर रोक लग सकेगी। महिलाएं घर के बाहर और घर के अंदर एक दूसरे को मजबूत बनाएं। बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाना आज बेहद जरूरी है।
Published on:
22 Feb 2025 10:56 am

बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
