
नवजात शिशुओं की सेहत से खिलवाड़, बर्थ टीके लगाने में कर रहे लापरवाही!
नवजात शिशुओं की सेहत से खिलवाड़, बर्थ टीके लगाने में कर रहे लापरवाही!
अलवर. जिले के सरकारी अस्पतालों में नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां नवजात शिशुओं के बर्थ टीके नहीं लगाने का मामला सामने आया है। चिकित्सकों के अनुसार नवजात शिशुओं को जन्म के 24 घंटे के अंदर हेपेटाइटिस, बीसीजी व ओपीवी का टीका लगाना जरूरी है। ताकि शिशु को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके है।
डिस्चार्ज टिकट पर अंकित करनी होती है टीके की जानकारी
बच्चे के जन्म के बाद टीकाकरण करना होता है। इसकी पूरी जानकारी प्रसूता के डिस्चार्ज टिकट पर भी अंकित करना आवश्यक है। वहीं, जातपुर निवासी एक महिला की 18 अप्रेल को सरकारी अस्पताल में डिलिवरी हुई थी। जिसे 21 अप्रेल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। जिसके डिस्चार्ज टिकट पर बर्थ टीके की जानकारी अंकित नहीं है, यह मामला अब सामने आया है।
टीकाकरण आवश्यक :
नवजात शिशु को हेपेटाइटिस के टीके के साथ ही टीबी से बचाव के लिए बीसीजी का टीका तथा पोलियो से बचाव के लिए ओपीवी का टीका लगाया जाता है। इसका कारण यह है कि नवजात शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम होती है। ऐसे में किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में आते ही संक्रमण फैलने का खतरा होता है।
समय पर वैक्सीनेशन होना जरूरी
सभी नवजात शिशुओं और बच्चों का समय पर वैक्सीनेशन होना जरूरी है। इसके लिए सभी अस्पतालों में वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता रखी जाती है। बर्थ वैक्सीन नहीं लगाने की जानकारी अभी संज्ञान में आई है। इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अरविंद गेट, आरसीएचओ।
Published on:
07 Jun 2023 10:16 pm
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