
Property Registran : मलमास खत्म हो चुका है। यानी जमीन खरीदना है तो सही समय आ चुका है। बता दें कि मलमास में जमीनों की खरीद- फरोख्त नहीं होती। यानी अब मलमास खत्म होने के बाद रजिस्टि्रयों की संख्या में दोगुना इजाफा होने की उम्मीद नजर आ रही है। यूआईटी के अलावा बिल्डरों से काफी संख्या में भूखंड बिक्री होगी जिससे सरकार का भी खजाना भरेगा।
विधानसभा चुनाव ने कम किए थे पंजीकरण
विधानसभा चुनाव के चलते अक्टूबर 2023 में आचार संहिता लग गई। ऐसे में जमीन खरीदने के लिए पैसे लेकर निकलने वाले लोग घर बैठ गए। उस दौरान 50 हजार से अधिक रकम जब्त की जा रही थी। हालांकि पकड़ी गई रकम का रेकॉर्ड दिखाने पर उसे छोड़ा भी गया लेकिन लोगों के मन में डर बैठ गया। वह बड़ी रकम लेकर बाहर नहीं आए। इसका असर ये हुआ कि रजिस्टि्रयों की संख्या में बड़ी गिरावट आई। प्रतिदिन 15 से 18 ही पंजीकरण हो पा रहे थे। चुनाव के बाद पंजीकरण की संख्या दोगुनी हुई। यानी करीब 30 से 35 पंजीकरण किए जा रहे थे।
इस तरह बढ़ सकती है सरकार की आय
इसी बीच मलमास शुरू हो गया। शुभकार्य के लिए ये माह सही नहीं माना जाता। ऐसे में लोगों ने जमीन की खरीद कम की। रजिस्टि्रयों की संख्या में कमी आ गई। अलवर उप पंजीयन कार्यालय के एक अधिकारी का कहना है कि अब रजिस्टि्रयों की संख्या में इजाफा होगा। धीरे-धीरे पंजीकरण की संख्या बढ़ रही है। इससे सरकार को भी टैक्स मिलेगा। यदि सरकार इस विभाग के नियमों में कुछ संशोधन करने और संसाधन बढ़ाने पर ध्यान दे तो यही विभाग सरकार को सालाना प्रदेशभर से करीब 15 हजार करोड़ रुपए तक का राजस्व दे सकता है। अधिकारी का कहना है कि लोग यूआईटी के भूखंडों के अलावा बिल्डरों से भी फ्लैट, भूखंड आदि की खरीद कर रहे हैं।
Published on:
29 Jan 2024 01:28 pm
