चुनावी चंदे की जानकारी सार्वजनिक नहीं करने पर SBI बैंक के सामने कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में भाजपा की चुनावी बांड योजना को असंवैधानिक मानते हुए उस पर रोक लगा दी है।
अदालत ने राजनीतिक दलों को इस योजना के तहत प्राप्त दान का खुलासा करने का निर्देश दिया। साथ ही भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को चुनावी चंदे की पूरी जानकारी 6 मार्च, 2024 से पहले सार्वजनिक करने और चुनाव आयोग को सौंपने का भी निर्देश दिया गया है। एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक आवेदन दायर कर विवरण साझा करने के लिए 30 जून, 2024 तक अवधि विस्तार की मांग की है। इससे पता चलता है कि एसबीआई का इस्तेमाल बीजेपी की वित्तीय अनियमितताओं और काले धन के स्रोत को छिपाने के लिए किया जा रहा है।