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अलवर की यह अनोखी ट्रेन, जिसमें पढ़ते हैं 450 विद्यार्थी, देशभर में हो गई है प्रसिद्ध

अलवर की रेलवे स्टेशन स्कूल अपने आकर्षक डिजाइन की वजह से देशभर में चर्चा का विषय बन गई है।

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अलवर

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Prem Pathak

Apr 16, 2018

RAILWAY STATION SCHOOL OF ALWAR

अगर आप इसे ट्रेन समझ रहे हैं तो थोड़ा ध्यान से देखें, यह कोई ट्रेन नहीं, अलवर का सरकारी स्कूल है। देशभर में चर्चा का विषय बने इस स्कूल का नाम राजकीय रेलवे स्टेशन स्कूल है। इस स्कूल की इमारत को पहली बार देखने से लगता है कि यह स्कूल नहीं प्लेटफॉर्म पर खड़ी कोई ट्रेन है। इस स्कूल को ट्रेन की तरह पेंट किया गया है। जो कि बेहद ही आकर्षक लग रहा है। इस स्कूल की ट्रेन का नाम एजुकेशन एक्सप्रेस रखा गया है। हर क्लास का दरवाजा ट्रेन के दरवाजे की तरह है। यह देश में अपनी तरह का दूसरा स्कूल है। ऐसा ही एक स्कूल केरल में बना हुआ है। इस स्कूल की कक्षाओंं को ट्रेन की बोगियों की डिजाइन दी है, वहीं प्रधानाध्यापक कार्यालय को इस ट्रेन का इंजन बनाया गया है।

इस स्कूल को यह डिजाइन देने का विचार सर्व शिक्षा अभियान में जेईएन राजेश लवानियां के दिमाग में आया। राजेश लवानियां बताते हैं कि वे सोशल मीडिया पर केरल के स्कूल को देख रहे थे तो उन्हें विचार आया कि ऐसा स्कूल अलवर में भी होना चाहिए। लेकन इस स्कूल को यह डिजाइन देने में करीब 4 लाख रुपए का खर्च आता, उन्होंने सोचा कि इतना पैसा कहां से आएगा, फिर उन्होंने रेशम देवी नानक चंद फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. एस.सी. मित्तल(जिनके ट्रस्ट ने इस स्कूल को गोद ले रखा है) से बात की, डॉ. मित्तल को उनका यह सुझाव बेहद पसंद आया और उन्होंने स्कूल को रेलवे स्टेशन की शक्ल देने के लिए तुरंत हामी भर दी।

दूर-दूर से आ रहे हैं लोग

इस स्कूल को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं, लोग यहां आकर फोटो खिंचवा रहे हैं, इस स्कूल को देखने वाले लोग चकित रह जाते हैं, इसी वजह से ही यह स्कूल अब देशभर में प्रसिद्ध हो चुका है। पहले यह स्कूल खराब हालत में था, फिर ट्रस्ट की ओर से बिल्डिंग बनवाई गई और फिर अब यह डिजाइन दी गई।

अभी हुआ है 40 प्रतिशत कार्य

अभी रेलवे स्टेशन स्कूल का केवल 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है। अभी इस स्कूल के दूसरे हिस्से को डबल डेकर व शताब्दी ट्रेनों की तरह डिजाइन किया जा रहा है। राजेश लवानियां का कहना है कि वे कार्य को पूरा करने के बाद ही इसकी सूचना देना चाहते थे, लेकिन अब यह स्कूल देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। लवानियां कहते हैं कि उनका सपना सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से भी बेहतर बनाना है, इसलिए वे इस दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। राजेश लवानियां द्वारा अलवर के राजकीय शिवाजी पार्क स्कूल को भी बेहद ही आकर्षक बनाया गया है।