
रूपारेल नदी। पत्रिका फाइल फोटो
अलवर। अलवर जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली रूपारेल नदी को पुनर्जीवित को लेकर प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से रूपारेल नदी के कायाकल्प की तैयारी है। साथ ही करीब 1195 लाख रुपए की लागत से छह नए एनिकटों निर्माण किया जाएगा। बता दें कि 27 अप्रेल को सात विभागों के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर मंथन किया गया।
बैठक में सिंचाई, कृषि, उद्यान, वन, पंचायतीराज, वाटरशेड, भूजल विभाग समेत अलवर जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। जिन्होंने डीपीआर पर विस्तृत चर्चा की। मीटिंग के दौरान सभी विभागों को 10 दिन के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में परियोजना को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक विभाग की अलग-अलग जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसमें सिंचाई विभाग, कृषि, उद्यान विभाग, वन, पंचायतीराज,वाटरशेड, भूजल विभाग समेत जिला प्रशासन शामिल रहेगा।
डीपीआर में सबसे अहम मुद्दे नदी क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को हटाना, प्राकृतिक बहाव क्षेत्र को सुरक्षित रखना और उसे सुदृढ़ करना सामने आए हैं। वन विभाग की जमीन से जुड़े मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा और नदी के प्राकृतिक प्रवाह को संरक्षित नहीं किया जाएगा, तब तक योजना के अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सकेंगे।
नदी पुनर्जीवन के लिए तैयार डीपीआर में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावित कार्यों में छह एनिकट निर्माण पर करीब 1195 लाख रुपए, ड्रेन लाइन ट्रीटमेंट पर 2259 लाख रुपए, रिचार्ज स्ट्रक्चर पर 986 लाख रुपए, मिट्टी व पत्थर कार्यों पर 614 लाख रुपए, वेस्टलैंड डेवलपमेंट पर 856 लाख रुपए, सब-सर्फेस वियर व लूज स्ट्रीम पर 432 लाख रुपए और नदी किनारों के सुदृढ़ीकरण, जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन पर करीब 100 करोड़ का खर्चा होगा।
डीपीआर के आधार पर सिंचाई विभाग अतिक्रमण की जांच के लिए विशेष टीम गठित करेगा। यह टीम चिन्हित स्थलों का भौतिक सत्यापन कर संबंधित लोगों को नोटिस जारी करेगी। इसके बाद जिला प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि नदी के मूल स्वरूप को बहाल कर दिया गया तो बरसात में पानी का प्रवाह सुचारू होगा और क्षेत्र में भूजल स्तर में भी सुधार देखने को मिलेगा।
Updated on:
29 Apr 2026 08:35 am
Published on:
29 Apr 2026 08:35 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
