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Weather: भीषण गर्मी का कहर, तीन दिनों तक हीटवेव का ‘यलो अलर्ट’

राजस्थान में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

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representative picture (AI)

राजस्थान में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों तक हीटवेव (लू) चलने की चेतावनी देते हुए 'यलो अलर्ट' जारी किया है। इस दौरान दिन और रात के तापमान में और अधिक उछाल आने की संभावना है।

अस्पतालों पर बढ़ता दबाव, एक बेड पर तीन बच्चे

भीषण गर्मी का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा है। अस्पतालों में मौसमी बीमारियों और लू की चपेट में आए मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। स्थिति इतनी विकट है कि जिला अस्पताल के बाल चिकित्सा वार्ड में क्षमता से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में बेडों की कमी के कारण एक ही बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती करने की विवशता बनी हुई है।

सावधान बरतें

चिकित्सा विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें और खुद को सीधे धूप के संपर्क में आने से बचाएं। बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले 72 घंटे अलवर के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, ऐसे में सावधानी ही बचाव का एकमात्र तरीका है।

41 डिग्री के पार पहुंचा पारा

अलवर में गर्मी का असर इस कदर तेज हो गया है कि दोपहर होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। वर्तमान में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर चुका है। दिन के साथ-साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे आमजन की परेशानी दोगुनी हो गई है। गर्म हवाओं और बढ़ती उमस ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अगले तीन दिनों तक बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर के समय बाहर निकलें।

परिजनों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उनके बच्चे पहले से ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। अस्पताल में जगह की कमी और एक ही बेड पर कई बच्चों को रखने से न केवल संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है, बल्कि बच्चों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के सामने इस बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।