
शहर में हुई बारिश (फोटो - पत्रिका)
राजस्थान के अलवर सहित आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल थे। सुबह से ही तेज धूप और हवा बंद होने के कारण पसीने छूट रहे थे। लेकिन मंगलवार दोपहर होते-होते कुदरत मेहरबान हुई और मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में घने बादलों की आवाजाही शुरू हुई और देखते ही देखते ठंडी हवाओं के झोंके चलने लगे।
इसके बाद हुई हल्की रिमझिम बारिश ने मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया। इस मानसूनी फुहार के गिरते ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को पिछले कई दिनों से परेशान कर रही चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। सड़कों और बाजारों में घूम रहे लोग ठंडी हवाओं का लुत्फ उठाते नजर आए।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, यह बदलाव सिर्फ अलवर तक सीमित नहीं है। अलवर से सटे भरतपुर, डीग, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़ और जयपुर ग्रामीण के इलाकों में भी मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने नए वेदर सिस्टम के कारण पूर्वी राजस्थान के इन जिलों में हवा में नमी तेजी से बढ़ी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक इन सभी जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा।
मौसम विभाग ने अलवर और आसपास के जिलों के लिए आने वाले दिनों का जो अनुमान जारी किया है, वह काफी राहत देने वाला है। अगले 48 घंटों में अलवर और इसके पड़ोसी जिलों में कुछ जगहों पर मध्यम स्तर बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के इस नए दौर से न सिर्फ आम जनता को गर्मी से परमानेंट राहत मिलेगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं।
इस समय खरीफ की फसलों, खासकर बाजरा और ज्वार को पानी की सख्त जरूरत थी। ऐसे में यह मानसूनी बारिश फसलों के लिए अमृत के समान मानी जा रही है। कुल मिलाकर कहें तो आने वाले दिनों में आपको गर्मी से राहत मिलने वाली है और ठंडी हवाओं के साथ बारिश का आनंद लेने के लिए तैयार हो जाइए। बस, घर से निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखना न भूलें।
Updated on:
14 Jul 2026 03:04 pm
Published on:
14 Jul 2026 03:04 pm
