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सडक़ पर बनाई सडक़….ऊंचाई होने से बारिश का पानी मकान, दुकानों में घुसेगा

73 करोड़ रुपए हुए थे सडक़ों के लिए मंजूर, वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में हो रहा है निर्माण

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सडक़ पर बनाई सडक़....ऊंचाई होने से बारिश का पानी मकान, दुकानों में घुसेगा

सडक़ पर बनाई सडक़....ऊंचाई होने से बारिश का पानी मकान, दुकानों में घुसेगा

नगर विकास न्यास (यूआईटी) वित्तीय वर्ष समाप्ति पर सडक़ों को चमकाने में लगा हुआ है। कई सडक़ों का काम चल रहा है। तेजी से चल रहे इस कार्य पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार को शिकायत भेजी है कि काम गुणवत्तायुक्त नहीं किया जा रहा। सडक़ पर सडक़ बनाई जा रही हैं, इससे ऊंचाई होगी और बारिश का पानी सीधे घरों, दुकानों में घुसेगा। पहले पुरानी सडक़ों को हटाना चाहिए था।

इस तरह आवंटित हुई थी राशि
यूआईटी का बजट 330 करोड़ रुपए का पास किया गया था, जिसमें 73 करोड़ रुपए सडक़ निर्माण व मरम्मत के लिए रखे गए थे। यूआईटी ने 11 माह तक सडक़ निर्माण पर काम नहीं किया और वित्तीय वर्ष के आखिरी समय में सडक़ें बनाई जा रही हैं। एसडीएम चौराहे से जिला परिषद मार्ग चमकाया जा रहा है। हसन खां मेवात नगर की सडक़ें बनाई जा रही हैं। एसएमडी चौराहे के पास निर्माण सामग्री जो लगाई जा रही है, उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

ये है लोगों के तर्क
हसन खां मेवात नगर के आशीष अग्रवाल, विवेक ङ्क्षसह आदि ने सरकार को शिकायत भेजी है। कहा है कि शहर की सडक़ों पर सडक़ें बनाई जा रही हैं। लगातार सडक़ें ऊंची हो रही हैं। घरों का उठान वहीं पर है। ऐसे में बारिश का पानी सीधे घरों व दुकानों में घुसता है। जलभराव से निपटने की कोई पर्याप्त योजना होती नहीं है। ऐसे में निर्माण से पहले पुरानी सडक़ों को हटाना चाहिए और उसी लेवल में सडक़ें बननी चाहिए। यूआईटी के जिम्मेदार इस बारे में ध्यान नहीं दे रहे हैं।


इनका कहना है
मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मैं सडक़ों की गुणवत्ता व नियमों की जांच कराऊंगा।
— प्रतिक जुईकर, प्रभारी सचिव, यूआईटी