
कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए। फोटो: पत्रिका
अलवर। अपनी ही सरकार में सफाईकर्मियों को नियुक्ति पत्र दिलाने के लिए वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के धरने पर बैठने से प्रदेश की सियासत फिर गरमा गई है। अलवर में मंत्री ने न केवल कलक्टर और नगर निगम आयुक्त की कार्यशैली पर सवाल उठाए, बल्कि अफसरों पर सरकार के निर्देशों की अनदेखी के आरोप भी लगाए। नगर निगम में बुधवार को 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र नहीं मिलने पर हंगामा हुआ। सूचना पर मंत्री शर्मा वहां पहुंचे और अभ्यर्थियों के साथ धरने पर बैठ गए।
दिनभर चले इस घटनाक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंच गई। इसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कलक्टर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दस्तावेजों की जांच कर पात्रों को नियुक्ति पत्र देने के आदेश दिए। करीब साढ़े चार घंटे बाद पांच सफाई कर्मियों को नियुक्ति पत्र देकर धरना समाप्त कराया गया। शेष को 16 अगस्त को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सभा में नियुक्ति-पत्र देने का आश्वासन दिया गया।
वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह घटनाक्रम सीएम भजनलाल शर्मा तक पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत कलक्टर को तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दस्तावेजों की जांच कर पात्रों को नियुक्ति पत्र देने के आदेश दिए हैं। यह नियुक्ति पत्र 16 अगस्त को दिलवाए जाएंगे। इससे पहले मंत्री ने कलक्टर आर्तिका शुक्ला और निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कलक्टर का व्यवहार लोकतंत्र के खिलाफ है और वे ऐसा बर्ताव कर रही हैं, जैसे खुद राजा हों और जनता प्रजा। मंत्री ने कलक्टर पर 'लूट कर खाने' जैसी गंभीर टिप्पणी भी की। आयुक्त से कहा, आप दोनों राज्य सरकार से बड़े हो गए क्या? सफाईकर्मियों को 14 साल बाद भी नियुक्ति-पत्र नहीं मिले। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों शहर को खा गए, बर्बाद कर दिया। आरोपों पर कलक्टर व आयुक्त ने प्रत्युत्तर नहीं दिया।
सफाई कर्मचारी भर्ती 2012 के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के बाद नियुक्ति पत्र तैयार करवाने के लिए जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने एडीएम सिटी अंबालाल मीणा की अध्यक्षता में टीम बनाई है। वरिष्ठ लेखाधिकारी कलक्ट्रेट मुकेश कुमार बैरवा, उप विधि परामर्शी कलक्ट्रेट मनोज कुमार सदस्य बनाए गए हैं। यह 16 अगस्त से पहले दस्तावेजों की जांच करने में नगर निगम आयुक्त की मदद करेंगे। कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने कहा कि डीएलबी से अंतिम मार्गदर्शन 9 अगस्त को मिला है। नियोक्ता अधिकारी निगम आयुक्त हैं। दस्तावेज की जांच के लिए एडीएम समेत तीन अधिकारियों की टीम लगाई गई थी और सरकार के आदेश मिलते ही प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
नगर निगम का नजारा बुधवार को देखकर साफ लगा कि निकाय चुनाव की आहट तेज हो गई है। सफाई भर्ती अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र का मुद्दा ऐसा गरमाया कि नेताओं का जमावड़ा लग गया। जो नेता दो साल से निगम में नजर नहीं आए, वे भी अभ्यर्थियों के बीच पहुंच गए। साढ़े चार घंटे तक परिसर में नारेबाजी, हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे।
Updated on:
13 Aug 2026 09:19 am
Published on:
13 Aug 2026 09:19 am
