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इस भीषण गर्मी में कुछ इस तरह पानी के लिए तड़प रहे हैं सरिस्का के वन्यजीव, जानकर आपको भी आ जाएगी दया

इस भीषण गर्मी में सरिस्का के वन्यजीवों को पानी के लिए लगानी पड़ रही है इतने किलोमीटर तक दौड़, हालत जानकर आपको भी आ जाएगी दया

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अलवर

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Prem Pathak

Jun 02, 2018

Sariska's wild animals struggling for water in this hot weather

इस भीषण गर्मी में सरिस्का के वन्यजीवों को पानी के लिए लगानी पड़ रही है इतने किलोमीटर तक दौड़, हालत जानकर आपको भी आ जाएगी दया

अलवर जिले में तापमान 45 डिग्री पार पहुंचने का असर आमजन पर ही नहीं, बल्कि जंगल में वन्यजीवों को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। भीषण गर्मी के दौर में सरिस्का में 564 में से 297 वाटर हॉल्स में ही पानी बचा है। यही कारण है कि बाघ-बघेरों को इन दिनों पानी की प्यास बुझाने के लिए दो से तीन किलोमीटर की दौड़ तक लगानी पड़ रही है।

इस साल मई माह में भीषण गर्मी का दौर जारी रहा। तापमान में वृद्धि और गर्म हवाओं का असर यह हुआ कि ज्यादातर जल स्रोतों में पानी का टोटा हो गया। नतीजतन पूरे जिले में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। लोगों ने जैसे तैसे कर पानी की पूर्ति कर ली, लेकिन गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी हुई निरीह वन्यजीवों को। इन दिनों वाटर हॉल्स में पानी की संकट होने से उन्हें पानी की तलाश में दो से तीन किलोमीटर तक चक्कर लगाना पड़ रहा है।

अकबरपुर रेंज में ज्यादा समस्या

सरिस्का स्थित अकबरपुर रेंज में वर्तमान में पानी की सबसे ज्यादा संकट है। यहां 133 वाटर हॉल्स में से केवल 41 में पानी उपलब्ध है। इसी प्रकार अलवर बफर रेंज के 70 में से 40 में, सरिस्का में 89 में से 73, तालवृक्ष में 97 में से 55, टहला में 127 में 56 एवं अजबगढ़ में 48 में से 32 वाटर हॉल्स में पानी उपलब्ध है।

पानी उपलब्धता की समीक्षा

सरिस्का के एसीएफ सज्जन कुमार का कहना है कि गर्मी का असर सरिस्का के वाटर हॉल्स पर पड़ा है, लेकिन बाघ, बघेरों व अन्य वन्यजीवों के लिए पानी की समस्या नहीं है। साधारणत: वन्यजीव दो से तीन किलोमीटर क्षेत्र में घूमता है और इतने क्षेत्रफल में हर रेंज में पानी की उपलब्धता है। इसलिए पानी की कमी से वन्यजीवों के आबादी की ओर आने की आशंका नहीं है। वैसे बीट गार्ड रोजाना ट्रैकिंग कर वाटर हॉल्स में पानी की उपलब्धता की रिपोर्ट दे रहे हैं। हर 15 दिन में डिविजन स्तर पर पानी की उपलब्धता की समीक्ष की जा रही है।

बाघों के लिए पानी की उपलब्धता प्राथमिकता में
गर्मी में बाघों को सहजता से पानी उपलब्ध कराना सरिस्का प्रशासन की प्राथमिकता है। इस कारण बाघों की टैरिटरी वाले वाटर हॉल्स में पानी की उपलब्धता पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। वाटर हॉल्स में पानी की कमी होने पर टयूबवैल व टैंकरों से पानी डलवाया जा रहा है।
हेमंत सिंह, डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना।

सरिस्का में 564 वाटर हॉल्स

सरिस्का बाघ परियोजना में 564 वाटर हॉल्स हैं, इनमें 251 प्राकृतिक एवं 312 कृत्रिम जल स्रोत हैं। वर्तमान में सरिस्का में 112 प्राकृतिक एवं 184 कृत्रिम वाटर हॉल्स में पानी उपलब्ध है। यानि सरिस्का में इन दिनों 297 जल स्रोतों में पानी की उपलब्धता है और 267 वाटर हॉल्स सूखे हैं।