
सरिस्का मे वार्ता के बाद किसानों में समझौता, महापड़ाव समाप्त, ये पूरी हुई किसानों की शर्त
सरिस्का प्रशासन एवं किसानों के बीच जिला कलक्टर की मौजूदगी में बातचीत के बाद समझौता हो गया। इसके बाद किसानों ने आंदोलन व महापड़ाव खत्म करने की घोषणा की। भारतीय किसान यूनियन टिकैत अराजनीतिक के बैनर तले गत छह दिनों से सरिस्का तिराहा पर किसानों की ओर से दिया जा रहा महापड़ाव रविवार शाम को खत्म कर दिया गया। इससे पूर्व किसानों के प्रतिनिधिमंडल की जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित की मौजूदगी में सरिस्का, सार्वजनिक निर्माण विभाग, विद्युत निगम के अधिकारियों से वार्ता हुई। इस दौरान किसानों की विभिन्न मांगों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। बाद में किसान यूनियन के प्रदेश पदाधिकारी भूपतसिंह बाल्याण ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। बाल्याण ने बताया कि वार्ता के दौरान कुशालगढ़ से थैक्यू बोर्ड तक पूर्व की तरह यातायात जारी रखने, इंदौक में गत 19 मार्च को बाघ एसटी-11 की फंदे में फंसकर मौत मामले में किसानों को दिए गए नोटिस वापस लेने तथा अनावश्यक परेशान नहीं करने, सरिस्का व आसपास के गांवों में सरकार की ओर से वर्ष 1975 में आवंटित गैर खातेदारी जमीन का खातेदारी अधिकार देने, भर्तृहरि तिराहे से मंदिर तक निर्माणाधीन रोड पर लगाई रोक हटाने तथा रोड निर्माण की एनओसी जारी करने, कुंडलका व अन्य गांवों में विद्युत कनेक्शन देने के लिए एनओसी देने पर सहमति बनी।
समिति करेगी समीक्षा
जिला कलेक्टर की मौजूद में हुई किसानों से हुई वार्ता के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्णय किया गया। यह समिति हर महीने बैठक कर किसानों व सरिस्का प्रशासन के बीच हुए समझौत की समीक्षा करेगी।
पर्यटक जिप्सी पुन: चलेंगी
किसानों के आंदोलन के दौरान बंद की गई जिप्सियां समझौते के बाद अब पुन: चल सकेंगी। आंदोलन के दौरान जिप्सी चालकों को दिए गए नोटिस वापस लेने सहित परमिट की जिप्सी को चलाने की अनुमति देने का निर्णय किया गया।
Published on:
28 May 2018, 11:34 AM IST
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