अकबरपुर. सरिस्का अभयारण्य को मंगलवार एक अक्टूबर से पर्यटकों के लिए फिर खोल दिया है। पहले दिन भ्रमण के लिए यहां आए देसी-विदेशी सैलानियों का अतिथि देवो भव, पधारो म्हारे देश… परंपरा के अनुसार तिलक लगाकर व फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत किया। सरिस्का बाघ परियोजना के सदर गेट पर वन विभाग के अधिकारियों ने रिबन काटकर भ्रमण का शुभारंभ किया। सदर गेट पर हरी झंडी दिखाकर पर्यटकों के वाहनों को जंगल में रवाना किया।
गौरतलब है कि सरिस्का बाघ परियोजना 3 महीने से बंद था। इसके बाद अब फिर से इसे पूर्णतया पर्यटकों के लिए खोल दिया है। जंगल के सभी ट्रैक पर पर्यटक आसानी से घूम सकेंगे। बाघों की साइटिंग कर घूमने का लुत्फ ले सकेंगे। बरसात के मौसम में 3 महीने जुलाई, अगस्त व सितंबर में जंगल बंद रहता है। यह समय वन्य जीव एवं वनस्पति प्रजनन का रहता है। ट्रैक भी बरसात के समय खराब हो जाते हैं। उन्हें भी सही कर दिया गया है।
पहली पारी में पहले दिन 12 जिप्सियां व आठ कैंटरों से भ्रमण
सरिस्का फिल्ड निदेशक संग्राम सिंह ने बताया पर्यटकों के लिए सरिस्का बाघ परियोजना को खोल दिया है। पर्यटकों में उत्साह है। पहली पारी में पहले दिन 12 जिप्सियां व आठ कैंटरों से भ्रमण कराया गया। इस बार अच्छी बरसात के चलते सघन हरियाली है। उम्मीद है कि टाइगर को पर्यटक देख सकेंगे। बाघों की संख्या अब काफी हो गई है।
सरिस्का साल में दो से तीन बार आते हैं
गुड़गांव से आई महिला पर्यटक चित्रा ने बताया कि सरिस्का जंगल में साल में दो से तीन बार भ्रमण को आते हैं। बरसात अधिक होने की वजह से जंगल बहुत सुंदर लग रहा है, लेकिन बाघों की साइटिंग होने में थोड़ी दिक्कत रहेगी। चहुंओर सघन हरियाली अधिक है। दिल्ली से आये पर्यटकों का कहना था कि वे पहली बार सरिस्का आए हैं। उनकी इच्छा है कि टाइगर की साइटिंग हो। जंगल बहुत खूबसूरत लग रहा है।