17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरसों के दाम में इजाफा, 15 दिन में 7 रुपए बढ़े, मंडी से अरहर होने लगी गायब

अनाज मंडी में सरसों की आवक में कमी और दाम में इजाफा हुआ है। इसका सीधा असर रसोई पर पड़ा है। बीते 15 दिन में सरसों के तेल में 7 रुपए प्रति किलो के दाम बढ़े हैं।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

kamlesh sharma

Mar 30, 2025

जितेंद्र चौधरी/अलवर। अनाज मंडी में सरसों की आवक में कमी और दाम में इजाफा हुआ है। इसका सीधा असर रसोई पर पड़ा है। बीते 15 दिन में सरसों के तेल में 7 रुपए प्रति किलो के दाम बढ़े हैं। यही वजह है कि आम आदमी की रसोई का बजट गड़बड़ाने लगा है। पिछले दिनों सरसों तेल के थोक भाव 122 रुपए किलो थे, लेकिन अब इसके 133 रुपए किलो से ऊपर पहुंच गए हैं। बाजार में सरसों तेल 150 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है।

साथ ही सरसों के पशु आहार में भी 100-150 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है। अब पशु आहार(खल) के दाम 2230 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गए हैं। वहीं, मंडी में आने वाली अरहर गायब हो लगी है। अब पूरे सालभर में केवल 1000 कट्टे पहुंच रहे हैं, लेकिन 2012 से पहले यहां सीजन में प्रतिदिन 4 से 5 हजार कट्टे पहुंचते थे। मंडी अध्यक्ष सत्य विजय गुप्ता ने बताया कि किसानों ने अरहर पैदा करना कम कर दिया। क्योंकि बदलते वातावरण के कारण इसकी पैदावार प्रभावित हुई है। साथ ही इसमें लगने वाले कीटों की वजह से यह कम होने लगी है।

यह भी पढ़ें : बारां धानमंडी में करीब चार लाख कट्टे गेहूं की आवक, बना नया रिकार्ड

अब तक मंडी में 5 लाख सरसों के कट्टे पहुंचे

अनाज मंडी में अलवर सहित अन्य जिलों की सरसों आ रही है। इस सीजन में अभी एक महीने और सरसों की आवक होगी। अब तक यहां 5 लाख से ज्यादा सरसों के कट्टे पहुंचे हैं। इसमें नई और पुरानी सरसों शामिल है। व्यापारियों का कहना है कि अभी राठ इलाके ( बहरोड़, मुंडावर, बानूसर) की सरसों की आवक शुरू हुई है तथा कुछ किसान इस वक्त गेहूं की कटाई में जुटे हुए हैं, इस वजह से सरसों की आवक में कमी आई है।

गेहूं की कटाई के बाद सरसों और गेहूं की आवक में बढ़ोतरी होगी। वहीं, बताया जाता है कि अलवर और भरतपुर में सबसे ज्यादा सरसों की पैदावार होती है। इसके तेल से राजस्थान के जिलों की पूर्ति हो सकती है न कि अन्य राज्यों की, लेकिन यहां का तेल कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है।