
नाबालिग बहनों का एक साल से कर रहे थे यौन शोषण, दोनों हुई गर्भवती
अलवर. शहर में दो नाबालिग बहनों से सामूहिक बलात्कार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इन दोनों बहनों का पिछले एक साल से दो दरिंदे यौन शोषण कर रहे थे, जिससे दोनों बहनें गर्भवती हो गई। साथ ही अश्लील वीडियो बना ब्लैकमेल कर रहे थे और परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। घटना का पता चलने पर पीड़ित पक्ष ने पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। वहीं, इसके बाद से दोनों आरोपी फरार हैं।
पुलिस ने बताया कि किशनगढ़बास क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दी कि वह पिछले छह-सात साल से अलवर शहर स्थित एक कृषि फार्म पर मजदूरी करता है तथा उसका परिवार भी फार्म पर ही रहता है। वहां सप्पी निवासी पलखड़ी-अकबरपुर और सुभान निवासी कैमाला भी काम करते हैं। करीब एक साल पहले वह और उसकी पत्नी किसी काम से बाहर गए थे। इसी दौरान मौका पाकर सप्पी उसकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री को पकड़कर फार्म की दीवार के पास ले गया और वहां उसके साथ बलात्कार किया। जिसका सुभान ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। इसके बाद सुभान ने भी उसकी पुत्री के साथ बलात्कार किया। आरोपियों ने उसकी पुत्री को वीडियो वायरल करने और परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए घटना के बारे में किसी को नहीं बताने का कहा। इसके बाद से ही आरोपी सप्पी और सुभान उसकी पुत्री के साथ मौका पाकर बलात्कार करते रहे। 26 जुलाई को उसकी पुत्री का पेट में दर्द उठा और पेट फूला नजर आया। जिसे देख वह पुत्री को डॉक्टर के पास ले गया। जहां चिकित्सक ने उसे सात माह की गर्भवती होना बताया। जिस पर उसकी पुत्री रोने लगी और आपबीती बताई। साथ ही 12 वर्षीय छोटी पुत्री ने भी बताया कि करीब दस दिन पहले सप्पी उसे भी ज्वार के खेत में ले गया और उसके साथ अश्लील हकरत की
एसपी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई एफआइआर
मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। पीड़ित पक्ष ने एफआइआर में बताया कि घटना का पता चलने पर थाने पर एफआइआर दर्ज कराने गए, लेकिन एफआइआर दर्ज नहीं की गई। इसी का फायदा उठाकर आरोपी फरार होने में कामयाब रहे। इसके बाद वे पुलिस अधीक्षक के सामने पेश हुए। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित पक्ष थाने पर नहीं आया। सीधे ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की गई।
पीड़ित परिवार अपनी दोनों बालिकाओं को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने मिला। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने सरकारी गाड़ी में बैठाकर उन्हें थाने भेजा और एफआइआर दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने दोनों बालिकाओं का मेडिकल कराया। जिसमें दोनों बहनें गर्भवती निकली। पुलिस ने पीड़िताओं के सीआरपीसी की धारा 161 के तहत थाने पर बयान दर्ज कर लिए हैं। पीड़िताओं के न्यायालय के समक्ष 164 के बयान सोमवार को कराए जाएंगे।
पीड़ित पक्ष ने सीधे एसपी कार्यालय आकर शिकायत दी थी उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया गया। नाबालिग पीड़िताओं का मेडिकल कराया, जिसमें दोनों बहनें गर्भवती मिली हैं। फिलहाल आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं।
- आनंद शर्मा, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।
Published on:
31 Jul 2023 11:40 am
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