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सरिस्का सीमा पुनर्गठन मामला: आपत्तियां सुनकर राज्य सरकार प्रक्रिया आगे बढ़ाए, अब सुनवाई 2 दिसम्बर को- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अलवर के सरिस्का टाइगर रिज़र्व की सीमा के पुनर्गठन से जुड़े मामले पर सोमवार को सुनवाई की।

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कोर्ट ने केंद्र का पक्ष रिकॉर्ड पर लिया
जयपुर. नई दिल्ली.अलवर। सुप्रीम कोर्ट ने अलवर के सरिस्का टाइगर रिज़र्व की सीमा के पुनर्गठन से जुड़े मामले पर सोमवार को सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में आपत्तियों पर सुनवाई कर राज्य सरकार को विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति देते हुए सुनवाई 2 दिसम्बर तक टाल दी।
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायाधीश विनोद के.चंद्रन और न्यायाधीश अतुल चंदुरकर की बेंच ने यह आदेश दिया। टाइगर ट्रेल्स ट्रस्ट की वकील पारुल शुक्ला ने कहा कि सीटीएच के ड्राफ्ट में निर्धारित प्रक्रिया और दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि क्रिटिकल टाइगर हैबिटैट (सीटीएच) का पुनर्निर्धारण और राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थायी समिति की अनुशंसा अंतिम कदम नहीं है। सीटीएच व अभयारण्य क्षेत्र की लेकर राज्य सरकार अधिसूचना जारी करेगी, जिस पर सभी पक्षों से आपत्तियां ली जाएंगी और उन पर विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि ड्राफ्ट में कोई संशोधन हुआ तो संशोधित प्रस्ताव पुन: राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड के पास जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधिक प्रक्रिया पूरी करके और वन्य जीव बोर्ड की स्वीकृति के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिसे सुप्रीम कोर्ट में भी पेश किया जाएगा। सभी निर्देशों की पालना की जाएगी। उधर, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने सॉलिसिटर जनरल की ओर से रखे गए केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्रालय के पक्ष का समर्थन किया।
इससे पहले कोर्ट ने पिछली सुनवाई के समय सवाल उठाया था कि 24 जून 2025 को भेजे गए सरिस्का टाइगर रिज़र्व की सीमा बदलने के राजस्थान सरकार के प्रस्ताव को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने उसी दिन कैसे मंज़ूरी दी। राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने भी इसे 25 और 26 जून को केवल दो दिनों में कैसे स्वीकृति दे दी।

क्या है सीटीएच
सरिस्का टाइगर रिजर्व के जिस क्षेत्र में बाघों के ठिकाने यानी टेरेटरी हैं, उसे क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट कहा जाता है। सरिस्का में 48 टाइगर हैं, जिनकी अलग-अलग टेरेटरी है।
सीटीएच का ड्राफ्ट
सरिस्का के पुनर्सीमांकन (युक्तिकरण) के तहत सीटीएच से हटाया गया 48.39 वर्ग किमी एरिया नए रूप से शामिल किया गया। पुनर्सीमांकन से पूर्व यह क्षेत्रफल 881.11 वर्ग किमी था और बाद में संशोधित क्षेत्रफल 924.48 वर्ग किमी हो गया। कुल क्षेत्रफल में 43.37 वर्ग किमी की वृद्धि हुई। सरिस्का के बफर क्षेत्र से हटाकर तीन ऐसे वन खंडों को सीटीएच में शामिल किया गया, जो अलग थे। 23 वन खंड हटाए गए, क्योंकि यह क्षेत्र खंडित थे। टहला एरिया में सीटीएच कम किया गया और उसका आकार बफर एरिया की ओर बढ़ाया गया। इसके चलते टहला एरिया में ही खानें बंद हुई थीं।