
बीएस पारिक/थानागाजी (अलवर)। नाम मत लो उस नराधम का, जिसने मेरी बेटी और बेटी के साथ ऐसा घृणित काम किया। उसने मेरा दूध लाज दिया। जब तक उसे कठोर से कठोर सजा नहीं मिल जाती मुझे चैन नहीं आएगा। ये शब्द गैंगरेप के आरोपी हंसराज की मां सजना देवी के हैं जो अपने कालाखोरा घर में गम में डूबी हुई है। बेटे के घृणित कृृत्य ने उन्हें शर्मसार कर दिया है। सजना के हृदय के दोनों वाल्व खराब हैं।
तेज बोलने पर सांस फूलने लगती है, बेटे के कृत्य पर आहे भरते हुए बोलीं, उसने जन्म पर खुशी मनाई थी पर मेरी कोख से इंसान के रूप में राक्षक निकला। वे कहती हैं कि अगर वे कानून के शिकंजे से बच निकला तो मैं उसे जिंदा नहीं छोडुंगी। पिता रामस्वरूप कहते हैं कि पीड़िता मेरी बेटी से भी इक्कीस है जो हिम्मत के साथ डटी हुई है। सजना और रामस्वरूप कहते हैं जब तक बेटे को कठोरतम सजा नहीं मिल जाती वे सिर उठाकर नहीं चल सकेंगे।
ऐसा पापी बेटा मेरे घर में क्यों जन्मा
भगवान ने ऐसे पापी बेटे को मेरे घर में जन्म क्यों दिया। ये शब्द गैंगरेप के आरोपी महेश गुर्जर की मां तीजा देवी के हैं। झोपड़ी में जीवन बसर कर रहीं तीजा बेटे की करतूत पर माथे पर हाथ मारकर कहती हैं कि पिछले जन्म के पापों का नतीजा है कि महेश ने उनकी कोख से जन्म लिया। अब तो यही इच्छा है कि उसे ऐसे सजा मिले की कोई दूसरा ऐसा पाप करने की हिम्मत न जुटा सके। पिता खड़गाराम के मुंह से बोल तक नहीं फूट रहे हैं। बेटे की करतूत उन्हें तिल-तिल सता रही है।
Published on:
12 May 2019 08:00 am

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