
अलवर। आम नागरिकों को ही नहीं जिला अस्पताल को भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यहां करीब 15 साल से पानी की समस्या बनी हुई है। इसके स्थायी समाधान के लिए सामान्य अस्पताल परिसर में 2 बोरिंग भी स्वीकृत हुए थे। इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से जलदाय विभाग को 32 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया, लेकिन पूर्व के बोरिंग फेल होने कारण पानी की उपलब्धता को लेकर संशय की िस्थिति के बीच जलदाय विभाग ने बोरिंग की राशि वापस कर दी। तब से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। फिलहाल जिला अस्पताल में हर महीने औसतन करीब सवा लाख रुपए के टैंकर मंगवाए जा रहे हैं।
रोजाना चाहिए करीब डेढ़ लाख लीटर पानी
जिला अस्पताल की प्रतिदिन की ओपीडी करीब 3000 से 4000 एवं आईपीडी करीब 744 मरीजों की रहती है। इसके साथ ही चिकित्सक, रेजीडेंट, नर्सिंग अधिकारी, स्टूडेंट व अन्य कार्मिक मिलाकर अस्पताल में करीब 1500 कर्मचारियों का स्टाफ है। इसके अलावा मरीजों के साथ बड़ी संख्या में उनके परिजन भी होते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जबकि जलदाय विभाग की सप्लाई से प्रतिदिन 70 हजार से 1 लाख लीटर पानी ही मिल पाता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से पानी के करीब 20 टैंकर प्रतिदिन मंगवाए जा रहे हैं।
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टंकी से पहुंच रहा है पानी
पहले सामान्य अस्पताल में टंकी से पानी सप्लाई होता था। अब अस्पताल परिसर में बनी टंकी का उपयोग होता था। इसमें बोरिंग से पानी भरकर वार्डों तक पहुंचाया जाता था, लेकिन बोरिंग सूखने के बाद टैंकरों से पानी मंगवाकर काम चलाया जा रहा है।
इनका कहना:
पहले के बोरिंग फेल होने के कारण नई बोरिंग में पानी की उपलब्धता को लेकर संशय की िस्थति रही। फिलहाल टैंकर से पानी उपलब्ध कराने के लिए अनुबंध किया हुआ है।
डॉ. सुनील चौहान, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला अस्पताल।
Published on:
21 Apr 2024 11:14 am
