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जज बोली – तू नहीं है समाज में रहने के काबिल, सुनाई उम्रकैद की सजा 

अलवर विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो संख्या 3 की न्यायाधीश हिमांकनी गौड़ ने एक साल की मासूम बच्ची से बलात्कार के अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 3 Dec 2025, 12:03 PM IST

अलवर विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो संख्या 3 की न्यायाधीश हिमांकनी गौड़ ने एक साल की मासूम बच्ची से बलात्कार के अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, 50 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। फैसले के दौरान न्यायाधीश गौड़ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि एक साल की अबोध बच्ची के साथ घृणित अपराध समाज के लिए बहुत ही हानिकारक है। ऐसे लोगों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

विशिष्ट लोक अभियोजक सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि घटना 13 सितंबर 2025 को भिवाड़ी के फूलबाग थाना क्षेत्र की है। एक महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह घर के बाहर पानी भरने गई थी। इस बीच उसकी एक साल की बच्ची भी उसके पास बाहर आ गई। उसने अपनी बच्ची को नहलाने के बाद अंदर भेज दिया। इस दौरान उसकी बच्ची खेलते-खेलते पड़ोसी राधे पुत्र दयाराम (45) के कमरे में चली गई।

थोड़ी देर बाद बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर वह अंदर आई, तो बच्ची के निजी अंग से खून बह रहा था। इस पर उसने पड़ोसी से पूछा कि उसने क्या किया है, तो उसने कहा कि गलती हो गई। मामले में पुलिस ने 13 सितंबर को एफआईआर दर्ज कर इसी दिन मौका ही नक्शा और पीड़ित बच्ची का मेडिकल कराया।

11 गवाहों के बयान

विशिष्ट लोक अभियोजक शर्मा ने बताया कि मामले में पुलिस ने 1 नवंबर को आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान गय पेश किया। 15 नवंबर को आरोपी के 10 खिलाफ चार्ज लगाए गए। इसके बाद पूनन 25, 26, 27 व 28 नवंबर को वाप न्यायालय में 11 गवाहों के बयान हुए। 8 ब इसके अलावा अभियोजन पक्ष की खेमा ओर से 16 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कह किए गए। जिनके आधार पर आरोपी साथ राधे पुत्र दयाराम के खिलाफ दोषसिद्ध कि होने पर उसे सजा सुनाई गई है।

जज ने कविता पढ़कर सुनाई

जिस मासूम को देख दिल प्यार से भर जाता है। क्यों उसे देख तेरे मन में शैतान उतर आता है। तू नहीं है इस समाज में रहने के काबिल। तेरी करतूतों से हर शख्स, घायल और बदहाल नजर आता है।।