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लोकसभा चुनाव में काजू कतली, कलाकंद खाएंगे ये लोग

जिला प्रशासन लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटा हुआ है। चुनाव के दौरान खाने से लेकर नाश्ते के इंतजाम होते हैं। उसके लिए प्रशासन की ओर से टेंडर किया गया है। भोजन एवं अल्पाहार व्यवस्था के लिए प्रशासन ने जो लिस्ट बनाई है, उसमें खाने व नाश्ते के प्रकार अलग-अलग हैं। जहां नाश्ते में वीआईपी पनीर पकौड़ा, काजू कतली खाएंगे। वहीं कर्मचारी बिस्किट, नमकीन खाएंगे। खाने की भी इसी तरह व्यवस्था की गई है।

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अलवर

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susheel kumar

Mar 02, 2024

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जिला प्रशासन लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटा हुआ है। चुनाव के दौरान खाने से लेकर नाश्ते के इंतजाम होते हैं। उसके लिए प्रशासन की ओर से टेंडर किया गया है। भोजन एवं अल्पाहार व्यवस्था के लिए प्रशासन ने जो लिस्ट बनाई है, उसमें खाने व नाश्ते के प्रकार अलग-अलग हैं। जहां नाश्ते में वीआईपी पनीर पकौड़ा, काजू कतली खाएंगे। वहीं कर्मचारी बिस्किट, नमकीन खाएंगे। खाने की भी इसी तरह व्यवस्था की गई है।

ये है सामान्य खाना व नाश्ता
खाने के पैकेट में 8 पूरी, सूखी सब्जी, अचार, बूंदी का लड्डू व सरस दही कप रहेगा। इसके 6 हजार पैकेट मंगवाए जाएंगे। इसी तरह खाना खाली पैकिंग में 4 चपाती देशी घी में, सब्जी आलू, टमाटर व मटर, सूखी सब्जी सीजनेबल, अचार, बूंदी लड्डू, सरस दही कम के 5 हजार पैकेट मंगवाए जाएंगे। खाना बुफे सिस्टम में वही आइटम शामिल हैं जो खाने के पैकेट में हैं। इसके 30 हजार पैकेट मंगवाए जाएंगे। नाश्ता पैकेट में बिस्किट, नमकीन भुजिया, चाय रखी गई है। इसके 30 हजार पैकेट बुक किए हैं।

वीआईपी के लिए ये रहेगा आहार
खाना बुफे सिस्टम वीआईपी में चपाती देशी घी की, मटर पनीर की सब्जी, सूखी सब्जी, दाल फ्राई, वेज पुलाव, बूंदी या वेज रायता, रसमलाई या रसगुल्ला, सलाद व पापड़ रहेंगे। इसके 1200 पैकेट बुक किए गए हैं। नाश्ता वीआईपी में पनीर पकौड़ा, काजू कतली या कलाकंद, वेजिटेबल सैंडविच, बिस्किट रहेंगे। इसके 1200 पैकेट बुक किए गए हैं। ये लिस्ट टेंडर के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी की गई है। टेंडर की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है।


टेंडर पर उठे सवाल, चुनाव आयोग तक पहुंचा मामला
खाने का टेंडर प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। इसमें जिस फर्म का प्रथम दृष्टया चयन किया गया है उसके अभिलेखों पर सवाल उठे हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों को भी कुछ लोगों ने मौखिक रूप से बताया है। आरोप हैं कि मुंबई की फर्म को ये कार्य दिया गया है। जयपुर में उसकी फ्रेंचाइजी है। कार्य अनुभव का अभाव बताया जा रहा है। आयोग की ओर से प्रशासन के अधिकारियों से पूछा गया तो बताया कि इस प्रकरण की जांच की जा रही है। फर्म संचालक मोहिंदर यादव का कहना है कि उनके पास कार्य अनुभव है। दिल्ली, मुंबई, पुणे में कार्यालय हैं। आरोप गलत हैं। एलटी-2 के रेट उनसे 40 फीसदी ज्यादा हैं।


सूचना के आधार पर संबंधित टेंडर के अभिलेख देखे जा रहे हैं। जांच के बाद ही निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे। वीआईपी नाश्ते व खाने की फाइल मेरे पास नहीं आई है।
- वीरेंद्र वर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी