
महाशिवरात्रि शुक्रवार को श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। इस दौरान शिव मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना व रुद्राभिषेक आदि विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। इस बार महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद विशेष दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं।
300 साल बाद विशेष दुर्लभ शुभ संयोग
इस दिन मकर राशि में मंगल व चन्द्रमा की युति से चन्द्र मंगल योग, कुंभ राशि में शुक्र, शनि व सूर्य की युति और मीन राशि में राहु व बुध की युति से त्रिग्रही योग बन रहा है। इसके साथ ही श्रवण नक्षत्र, शिव योग व भृगु (शुक्र ) प्रदोष व्रत का भी शुभ संयोग रहेगा। इस दौरान भगवान शिव की पूजा, व्रत, अभिषेक व रुद्राभिषेक करने से सुख-समृद्धि बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
चार प्रहर पूजन के ये रहेंगे मुहूर्त
प्रथम प्रहर- शाम 6 बजकर 28 मिनट से रात्रि 9 बजकर 32 मिनट तक
द्वितीय प्रहर- रात्रि 9 बजकर 33 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक
तृतीय प्रहर- मध्यरात्रि बाद 12 बजकर 38 मिनट से 3 बजकर 41 मिनट तक
चतुर्थ प्रहर-मध्यरात्रि बाद 3 बजकर 42 मिनट से सुबह 6 बजकर 46 मिनट तक
Published on:
07 Mar 2024 11:37 am
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