
प्रदेश और जिले की सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को निवास स्थान से लेकर स्कूल तक की दूरी अपडेट करनी होगी तभी ट्रांसपोर्ट वाउचर का लाभ मिलेगा। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से विद्यार्थियों की पहचान की जा रही है। गांव-ढाणियों से आने वाले विद्यार्थियों की स्कूल से दूरी का सत्यापन कराकर उसे शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड करवाया जा रहा है।
इसका प्रमुख उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से जुड़ें। इसका फायदा नामांकन बढ़ाने में भी मिले। इस बार 12वीं के विद्यार्थियों को ट्रांसपोर्ट वाउचर का लाभ नहीं दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की समय-समय पर डिटेल, घर से स्कूल की दूरी और कई बार बजट आने में देरी के चलते विद्यार्थियों के खाते में समय पर ट्रांसपोर्ट वाउचर का पैसा नहीं मिलता है।
ऐसे में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिले में कई स्कूल ऐसे हैं, जहां पर विद्यार्थियों को पांच किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। विद्यार्थी वाहनों के सहारे स्कूल तक पहुंचते हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना से नियमानुसार लाभान्वित होने वाले कक्षा एक से 10 तक के विद्यार्थियों की सभी सूचनाओं को शाला दर्पण पोर्टल पर 10 दिसंबर तक आवश्यक रूप से अपडेट करना होगा। संस्था प्रधान के माध्यम से शाला दर्पण पोर्टल पर वितरण का कार्य होगा।
इस तरह से मिलेगा लाभ
कक्षा एक से कक्षा 5वीं तक विद्यार्थी जो एक किलोमीटर से अधिक दूरी से स्कूल आते हैं तो उन्हें अपनी हाजिरी के अनुसार 10 रुपए और दो किलोमीटर से अधिक दूरी वाले विद्यार्थियों को 15 रुपए की दर से भुगतान किया जाता है।
कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थियों को 2 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने पर 15 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। वहीं, कक्षा 9 से कक्षा 10वीं तक विद्यार्थियों जो 5 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके स्कूल आते हैं, उन्हें 20 रुपए प्रतिदिन के हिस्सा से राशि का भुगतान किया जाता है।
Published on:
29 Nov 2023 12:55 pm
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