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अलवर जिले से अब तक ये महिलाएं बनी हैं विधायक

आधी आबादी कही जाने वाली महिलाओं को विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा ज्यादा मौका नहीं दिया हो। पिछले चार दशक में अलवर जिले से मात्र आधा दर्जन महिलाएं ही विधायकी की चुनाव जीत सकी हैं।  
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आधी आबादी कही जाने वाली महिलाओं को विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा ज्यादा मौका नहीं दिया हो। पिछले चार दशक में अलवर जिले से मात्र आधा दर्जन महिलाएं ही विधायकी की चुनाव जीत सकी हैं।

इनमें से भी मात्र एक महिला विधायक ऐसी हैं, जो दो बार विधानसभा पहुंचने में सफल रही। अलवर जिले के राजनीतिक परिदृश्य की बात करें तो यहां पिछले चार दशक में अलवर शहर से पुष्पा शर्मा व मीना अग्रवाल विधायक रहीं। राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ से गोलमा देवी और रामगढ़ से साफिया खान विधायकी का चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची, लेकिन इन चारों महिलाओं को दूसरी बार विधायक बनने का मौका नहीं मिला।

इन्हें दूसरी बार पार्टी ने ही टिकट नहीं दिया। केवल एक मात्र शकुंतला रावत ही बानसूर सीट से लगातार दो बार विधानसभा का चुनाव जीती हैं। रावत दो बार विधायक बनी, अब तीसरी बार चुनाव मैदान में: राज्य की कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत कांग्रेस के टिकट पर पहली बार वर्ष-2013 में बानसूर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ीं। रावत पहली बार में ही जीतकर विधानसभा पहुंची।

इसके बाद वर्ष-2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बानसूर से उन्हें फिर मौका दिया। रावत ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की और विधानसभा पहुंची। दूसरी जीत पर कांग्रेस सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री का पद मिला। रावत के बाद इस बार बानसूर से लगातार तीसरी बार चुनाव मैदान में हैं।