
शहर को ये पार्क आसमां से करेगा बात
शहर के विकास काे पंख लगाने का खाका तैयार, काली मोरी ओवरब्रिज के नीचे बनेगा पार्क
- पांच बीघा में बनेगा ये पार्क, एक करोड़ रुपए होगा खर्च, एक माह में शुरू हो जाएगा काम
- साइंस पार्क, संविधान पार्क को मिली सैद्धांतिक मंजूरी, औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शुरू होगा काम
- शहर के हनुमान सर्किल, टेल्को सर्किल का नया डिजाइन आया, सीएसआर के जरिए होगा इनमें काम
अलवर. मुंबई में एक फ्लाईओवर के नीचे खाली जमीन पर बैड़मिंटन कोर्ट बने होने का एक वीडियो ऐसा वायरल हुआ कि हर किसी को भा गया। नया आइडिया दे गया। इसी को राजस्थान पत्रिका ने मुहिम के रूप में लिया। हमने शहर में पुलों के नीचे ऐसी जगह तलाशी जिसका उपयोग नहीं हो रहा था। वह जगह महज एक अतिक्रमण के रूप में प्रयोग हो रही थी। इसका नाम था कालीमोरी आरओबी। इस मुहिम का हिस्सा नगर विकास न्यास (यूआईटी) बना। ये मुहिम रंग लाई और यूआईटी ट्रस्ट की बैठक में यहां पार्क बनाए जाने का प्रस्ताव पास हो गया। ये पार्क शहर के विकास की कहानी बयां करेगा। इस पार्क में खेल के संसाधन भी होंगे।
काली मोरी आरओबी के नीचे ये पार्क पांच बीघा में बनेगा। इस पर एक करोड़ रुपए व्यय होंगे। यह कवर्ड पार्क होगा जिसमें हरियाली से लेकर फूलदार पौधे लगेंगे। घास के अलावा अन्य चीजें होंगी। बच्चों के खेलने के लिए यहां संसाधन होंगे। जहां-जहां पुल के पिलर हैं वहां आकर्षक टाइल्स लगाई जाएंगी। इस पार्क का निर्माण होने में करीब छह माह लगेंगे। पहले टेंडर की प्रक्रिया होगी। इसके अलावा यूआईटी दूसरे पुलों के नीचे खाली जमीन पर भी विभिन्न गतिविधियां करने के लिए संभावनाएं तलाश रहा है।
विज्ञान पार्क...देखते रह जाएंगे
यूआईटी चेयरमैन एवं डीएम पुखराज सेन के समक्ष यूआईटी सचिव अशोक कुमार योगी ने साइंस पार्क की थीम रखी। इस पार्क के लिए पुराना सूचना केंद्र जगह देखी गई है। ये जमीन नगर निगम की है। ऐसे में जमीन के लिए यूआईटी निगम को पत्र लिखेगा और वहां से मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव को अगली बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। फिलहाल इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। ये पार्क अपने में अलग होगा। देशभर के प्रमुख वैज्ञानिक यहां दिखेंगे। ब्रह्मांड भी यहां नजर आएगा।
संविधान पार्क...ये कंपनी बाग में बनेगा
संविधान पार्क कंपनी बाग के खाली हिस्से पर बनाया जाएगा। इस पार्क में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगेगी। इसके अलावा मौलिक अधिकार से लेकर कर्तव्यों का ज्ञान कराया जाएगा। कई अन्य चीजें भी इस पार्क में होंगी जो अपने में अलग होंगी। कंपनी बाग का रखरखाव पीडब्ल्यूडी करता है। ऐसे में विभाग को यूआईटी ने पत्र लिखा है। वहां से मंजूरी के बाद ये प्रस्ताव अगली बैठक में पास होगा। इसे भी सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
टेल्को व हनुमान सर्किल के डिजाइन का जवाब नहीं
टेल्को व हनुमान सर्किल शहर के प्रवेश प्वाइंट हैं। ऐसे में इन चौराहों को नया लुक दिया जाएगा। इसके डिजाइन तैयार हो गए हैं। यहां ऊंचा ध्वज लगेगा। इन चौकों पर लोग प्रवेश करके घूम सकेंगे। कई आकर्षक चीजें इनमें होंगी। ये काम सीएसआर फंड से करवाया जाएगा। अन्य पार्क भी इसी तर्ज पर तैयार होंगे।
कटीघाटी का लुक भी कम नहीं
कटीघाटी पर यूआईटी एक पहाड़ी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करेगा। जहां पर अलवर लिखा गया है उसी जगह पर नजारा अलग होगा। यहां भी राष्ट्रध्वज लगाया जाएगा जो शहर का सबसे ऊंचा ध्वज होगा। कई अन्य कार्य भी होंगे। इसे भी सैद्धांतिक सहमति दे दी गई है। वन विभाग के साथ ही यूआईटी को कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी हैं।
ये भी निर्णय हुए
- यूआईटी की योजनाएं नगर निगम को हस्तांतरित होंगी। जिसमें शिवाजी पार्क, केशव नगर, नरु मार्ग, शिवाजी पार्क विस्तार, श्योलालपुरा स्कीम नंबर 10, वीर सावरकर नगर, अशोक विहार, सुभाष नगर, राजेंद्र नगर, मालवीय नगर, शांति कुंज, स्कीम नंबर 10 बी, नेहरू नगर, तेज मंडी शामिल हैं।
- बहरोड़ मार्ग का चौड़ीकरण होगा। कुछ सरकारी संस्थानों को निशुल्क भूमि आवंटित होगी।
- पर्यटन विकास के लिए फोटो प्रदर्शनी लगाने व फोटो प्रतियोगिता होगी।
- सड़क, डिवाइडर आदि बनाने पर करीब 15 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
यूआईटी ट्रस्ट की बैठक में शहर के विकास के कई नए प्रस्ताव पास हो गए हैं। कई को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। कालीमोरी आरओबी के नीचे पार्क बनेगा। चौराहों का सौंदर्यीकरण होगा। कई अन्य काम भी होंगे।
- अशोक कुमार योगी, सचिव, यूआईटी
Published on:
09 Aug 2023 11:39 am
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