
अलवर। सरिस्का से बाहर आए एक टाइगर ने दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को घरों में कैद होने पर विवश कर दिया है। लोग दिन में निकल रहे न रात को। 5 दिन में 5 लोगों पर हमला किया गया। लगातार टाइगर की दहशत बढ़ती जा रही है, लेकिन वन विभाग टाइगर को नहीं पकड़ पाया। सोमवार को भी टाइगर हरियाणा के झाबुआ के जंगल में ही रहा। वन विभाग की टीम ने निगरानी के लिए जंगल के रास्तों पर 10 से ज्यादा सीसीटीवी लगा दिए हैं।
14 अगस्त की रात को एसटी-2303 सरिस्का से बाहर निकल गया। वह मुंडावर के कई गांवों से होकर गुजरा। 5 लोगों के सामने आने पर हमला किया। वह घायल हो गए। शनिवार को बावल में टाइगर के पगमार्क मिले थे। रविवार को वह झाबुआ के जंगल में जा पहुंचा। सोमवार को भी टाइगर जंगल से बाहर नहीं आया। वहीं जिस रास्ते से टाइगर गया है, उस मार्ग पर पड़ने वाले गांवों के लोगों में डर है। गांवों में लोग घरों से बाहर आने से डर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रक्षाबंधन पर्व भी डर के बीच ही मनाया। दोपहिया वाहनों से आने वाले लोगों की आवाजाही डर के कारण गांवों के रास्तों पर कम हो गई।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली टाइगर के हमले में घायल ग्रामीणों से मिलने सोमवार को राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों का हाल जाना। सरकार से कहा कि घायलों को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने सामान्य चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को घायलों का बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए।
जूली ने कहा कि अलवर के दो वन मंत्री हैं, फिर भी सरिस्का के टाइगरों की मॉनिटरिंग बेहतर नहीं हो पा रही है। यह लापरवाही को दर्शाता है। 5 दिन में भी टाइगर पकड़ से बाहर है। उन्होंने कहा कि रेडियो कॉलर लगे होने के बावजूद आखिर क्यों टाइगर पकड़ से बाहर है। उन्होंने कहा कि सरिस्का प्रशासन को इस संदर्भ में तुरंत एक्शन लेना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
टाइगर हरियाणा के झाबुआ जंगल में ही है। जंगल से बाहर आने वाले रास्तों पर सीसीटीवी लगा दिए गए हैं। कड़ी मॉनिटरिंग हो रही है। टाइगर जल्द पकड़ में आएगा।
Published on:
20 Aug 2024 03:08 pm
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