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बाघों की दहाड़ से पैंथरों में खौफ! सरिस्का में बढ़ती संख्या के बीच दो सेंचुरी एरिया बनाने की तैयारी

अलवर. सरिस्का में दो सेंचुरी एरिया बनने को तैयार है। यहां टाइगर और पैंथरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनके लिए अब सरिस्का का कोर एरिया छोटा पड़ने लगा है।

अलवरJun 17, 2024 / 10:59 am

Manoj Kumar

sariska tiger reserve

sariska tiger reserve

कोर और बफर दोनों एरिया में सफारी
अलवर. सरिस्का में दो सेंचुरी एरिया बनने को तैयार है। यहां टाइगर और पैंथरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनके लिए अब सरिस्का का कोर एरिया छोटा पड़ने लगा है। टाइगर और पैंथर कोर एरिया से बाहर निकल बफर जोन में अपनी नई टैरेटरी बना रहे हैं।

सरिस्का में 43 हुई बाघ-बाघिनों की संख्या, पैंथरों की संख्या 200 के पार
The number of tigers and tigresses in Sariska increased to 43, the number of panthers crossed 200

भविष्य की संभावनाओं को देखें तो यहां पर्यटन विकास को पंख लग सकते हैं। सरिस्का में कुल क्षेत्रफल 1213.34 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 881.11 वर्ग किलोमीटर कोर एरिया और 332.23 वर्ग किलोमीटर बफर एरिया शामिल हैं। सरिस्का में 43 बाघ-बाघिन हो चुके हैं, जिनमें 18 शावक शामिल हैं। वहीं, पैंथरों की संख्या 200 के पार पहुंच चुकी है। अन्य वन्यजीवों की भी बड़ी तादाद है। कई बाघ और पैंथर सरिस्का के कोर एरिया को छोड़ बफर एरिया बालाकिला, बीघोता, अजबगढ़, मानाबास, सिलीसेढ़, तालवृक्ष, टहला और जमवारामगढ़ में मूवमेंट कर रहे हैं। अपनी नई टैरेटरी तैयार कर रहे हैं। एसटी-19 अपने तीन शावकों के साथ सरिस्का बफर एरिया में रह रही है। वहीं, टाइगर एसटी-18, एसटी-02 और एसटी-2303 ने भी बफर जोन में अपना ठिकाना जमा लिया है।
निकट भविष्य में सरिस्का में दो सेंचुरी एरिया और पर्यटन विकास की संभावना को सरकार भी देख रही है। पिछली कांग्रेस सरकार में सरिस्का के बफर एरिया में जंगल सफारी के लिए नए रूट तैयार किए गए थे। फिलहाल सरिस्का के कोर और बफर दोनों एरिया में जंगल सफारी के लिए जिप्सी चल रही हैं। दोनों एरिया में देसी-विदेशी पर्यटक सफारी के लिए आ रहे हैं। इन दोनों एरिया में टाइगर और पैंथर की साइटिंग होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

टाइगर से खतरा भांप भाग रहे बफर जोन में

सरिस्का के कोर एरिया में टाइगर की संख्या बढ़ने से पैंथर खतरा भांप रहे हैं। इसके चलते पैंथर यहां से निकल बफर एरिया की तरफ ठिकाना बना रहे हैं। पैंथर बफर एरिया को सुरक्षित मान रहे हैं। अपनी टैरेटरी बना रहे हैं। सरिस्का के बफर जोन बालाकिला, बीघोता, अजबगढ़, मानाबास, सिलीसेढ़, तालवृक्ष और टहला और जमवारामगढ़ में पैंथरों की संख्या पिछले कुछ साल में काफी बढ़ी है।

संख्या बढ़ना शुभ संकेत

सरिस्का में टाइगर और पैंथर की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो कि शुभ संकेत है। अब कई टाइगर और पैंथर कोर एरिया से बाहर निकल बफर एरिया में अपनी नई टैरेटरी बना रहे हैं। फिलहाल एसटी-19 अपने तीन शावकों को साथ, एसटी-18, एसटी-02 और एसटी-2303 बफर एरिया में रह रहे हैं।
महेन्द्र शर्मा, उप वन संरक्षक, सरिस्का टाइगर रिजर्व

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