
अलवर में गुरुवार को नगर विकास न्यास (यूआईटी) ने दिल्ली–नेशनल हाईवे के पास करीब 50 बीघा कृषि भूमि पर चल रही अवैध प्लाटिंग पर सख्त कार्रवाई की। यह जमीन एक निजी कंपनी के नाम दर्ज बताई जाती है, जिसे स्थानीय लोग सहारा वाली जमीन के तौर पर जानते हैं।
भूमाफियाओं ने बिना अनुमति बड़े आकार के प्लॉट काटकर बेचने की तैयारी कर ली थी। पूरे क्षेत्र में 60–60 फीट चौड़ी कच्ची सड़कें बनाई गई थीं और तीन बड़े एंट्री गेट भी खड़े कर दिए गए थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ प्लॉट एग्रीमेंट पर बेचे भी जा चुके थे। शिकायत मिलने पर यूआईटी की टीम दिवाकर के पास हाईवे किनारे पहुंची। टीम को देखते ही अवैध प्लाटिंग से जुड़े लोग मौके से भाग गए।
इसके बाद यूआईटी ने पूरे लेआउट को ध्वस्त करते हुए कच्ची सड़कें, एंट्री गेट और प्लॉटों की सीमाएं पूरी तरह मिटा दीं। यूआईटी के ईआरओ मानवेंद्र जयसवाल ने बताया कि संबंधित भूमि कृषि श्रेणी की है और बिना किसी कन्वर्ज़न के अवैध रूप से प्लॉट काटे जा रहे थे, जिसे देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
Updated on:
20 Nov 2025 03:11 pm
Published on:
20 Nov 2025 03:11 pm
