
उमरेण गांव में पहाड़ी के ऊपर स्थित प्राचीन हनुमान और देवनारायण भगवान के मंदिर को गुरु पूर्णिमा के दिन प्रशासन ने जेसीबी से तोड़ डाला। मंदिर के पिलर भी ध्वस्त कर दिए गए। गुरु पूर्णिमा के दिन इस गांव के लोग अपने गुरुओं के पास आशीर्वाद लेने गए थे। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मौके पर ही तंबू गाड़ कर धरना शुरू कर दिया है।
इस बीच मौके पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रशासन की कार्रवाई को निंदनीय बताया और कहा कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह केवल मंदिर तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि लोगों की आस्था पर हमला है। ग्रामीणों का धरना अभी भी जारी है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मंदिर वर्षों पुराना है और ग्रामीणों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी सूचना के यह कार्य किया है। ग्राम सरपंच भवेंद्र पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हो रही हैं, जो लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ हैं।
Updated on:
11 Jul 2025 02:41 pm
Published on:
11 Jul 2025 02:41 pm
