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ग्राम विकास अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

राजस्थान के विकास की धुरी कहे जाने वाले ग्राम विकास अधिकारी (VDO) अब अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को अलवर जिला मुख्यालय पर ग्राम विकास अधिकारी संघ के बैनर तले जिले भर के ग्राम सेवकों ने विरोध प्रदर्शन किया।

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अपना विरोध जताते हुए ग्राम विकास अधिकारी (फोटो - पत्रिका)

राजस्थान के विकास की धुरी कहे जाने वाले ग्राम विकास अधिकारी (VDO) अब अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को अलवर जिला मुख्यालय पर ग्राम विकास अधिकारी संघ के बैनर तले जिले भर के ग्राम सेवकों ने विरोध प्रदर्शन किया। अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर आक्रोशित अधिकारियों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

पदोन्नति और रिक्त पदों को लेकर गहरा रोष

प्रदर्शन के दौरान राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में ग्राम विकास अधिकारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से अटकी हुई है। वर्तमान में पूरे प्रदेश में सहायक विकास अधिकारी के करीब ढाई हजार पद, अतिरिक्त विकास अधिकारी के ढाई सौ पद और विकास अधिकारी के लगभग दो सौ पद खाली पड़े हैं।

यादव ने आरोप लगाया कि सरकार इन महत्वपूर्ण पदों को भरने के बजाय अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार देकर काम चला रही है। इस वैकल्पिक व्यवस्था के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य पूरी तरह चौपट हो गए हैं और निचले स्तर के अधिकारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी अनदेखी के कारण पूरे प्रदेश के संवर्ग में भारी रोष व्याप्त है।

वेतन विसंगति और तबादला नीति मुख्य मुद्दा

ग्राम विकास अधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन विसंगति को दूर करने और एक पारदर्शी तबादला नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक इस पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। उनकी मुख्य मांगों में संवर्ग का कैडर स्ट्रेंथन करना और पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन के अनुपात में पदों का सृजन करना शामिल है। बजट घोषणाओं की पालना नहीं होने से भी कर्मचारियों में नाराजगी है।

सीएम आवास घेराव और महापड़ाव की तैयारी

अलवर में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से संघ ने अपने आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी स्पष्ट कर दी है। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि यदि सरकार उनकी मांगों का निस्तारण नहीं करती है, तो आगामी 8 अप्रैल को प्रदेश भर के ग्राम विकास अधिकारी राजधानी जयपुर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इसके अगले ही दिन 9 अप्रैल को सिविल लाइंस क्षेत्र में विशाल महापड़ाव शुरू किया जाएगा, जो मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा।

साथ ही कहा कि ग्राम विकास अधिकारी से लेकर विकास अधिकारी के पदों पर 6 वर्षों से लंबित पदोन्नतियां तुरंत की जाएं। बजट घोषणाओं की पालना सुनिश्चित करते हुए कैडर स्ट्रेंथन की प्रक्रिया पूरी की जाए और 11 सूत्री मांग पत्र का सम्मानजनक निस्तारण हो।