
चीन से फैली एक रहस्यमयी बीमारी जिसे लेकर हर तरफ चर्चा है। पिछले दिनों भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को अलर्ट रहने को कहा गया और जरुरी निर्देश भी दिए गए। हालांकि अभी तक जिले में एच 9 एन 2 वायरस का एक भी मरीज नहीं मिला है।
चिकित्सा विभाग ने इस वायरस से निपटने की तैयारी की है। फिलहाल इस वायरस से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंचता है तो अभी उसका स्वाइन फ्लू की दवा से ही इलाज होगा। चिकित्सा विभाग का कहना है कि भारत में अभी तक इस बीमारी का कोई मरीज नहीं मिला है, लेकिन एच 9 एन 2 वायरस को स्वाइन फ्लू का ही वेरिएंट माना जा रहा है। वहीं, इस बीमारी की कोई विशेष दवा भी इजाद नहीं हो पाई है।
ऐसे में मरीज मिलने पर उसे उपचार के लिए अभी स्वाइन फ्लू की ही दवा दी जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में अभी एच 9 एन 2 वायरस की जांच की सुविधा भी उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही जयपुर व अजमेर में यह सुविधा जल्द शुरू होगी।
मरीज अभी इन दवाओं के भरोसे
अभी एच 9 एन 2 वायरस की दवा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों का इलाज एंटी बायोटिक दवाओं के भरोसे होगा। चिकित्सकों के अनुसार एच 9 एन 2 वायरस का मरीज आने पर उसे सामान्य एंटी बायोटिक दवाओं के साथ ही स्वाइन फ्लू की दवाएं दी जाएगी। इसके साथ अन्य दवाएं मरीज के लक्षणों के आधार पर दी जाएगी।
यह है बीमारी के लक्षण
अलवर जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार एच 9 एन 2 वायरस से पीड़ित मरीज के जुकाम-खांसी व बुखार के साथ सांस संबंधी परेशानी होती है। इसके साथ ही फेफड़ों में संक्रमण होने से मरीज का ऑक्सीजन सेचुरेशन भी कम हो जाता है। वहीं, संक्रामक बीमारी होने के कारण यह घातक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार एक व्यिक्त में यह बीमारी होने पर उसके संपर्क में आने वाले अन्य लोगों में भी इसका खतरा हो सकता है।
Published on:
07 Dec 2023 11:53 am
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