राज्य बजट: इस बार अलवर के व्यापारी बजट से क्या चाहते हैं, आप भी जानिए

राजस्थान के बजट से अलवर के व्यापारी वर्ग को खासी उम्मीदें है, अलवर के व्यापारी कह रहे हैं कि उनके ऊपर इंस्पेक्टर राज न लादा जाए।

By: Dharmendra Adlakha

Published: 10 Feb 2018, 11:50 AM IST

अलवर. राज्य सरकार की ओर से जल्द ही आम बजट विधानसभा में पेश किया जाएगा। बजट को लेकर सभी को उत्सुकता है। यह बजट सरकार का आखिरी बजट भी है। इससे बजट में सौगातों की बौछार की उम्मीदें भी जताई जा रही है। वहीं, कुछ एेसी मांगें हैं, जिन्हें भी बजट में स्थान मिलना चाहिए। इसे लेकर ‘पत्रिका’ ने बुधवार से एक-एक वर्ग से बात करना शुरू किया। पहले दिन व्यापारियों से बात की गई। पेश हैं व्यापारियों की कुछ मांगें और उम्मीदें-

बजट में जीएसटी का सरलीकरण होना चाहिए। किसी भी प्रकार का इंस्पेक्टर राज व्यापारियों पर नहीं लादा जाए। कोई भी नियम कानून व्यापारियों की जानकारी में लाकर व उनसे पूछताछ कर बनाए जाने चाहिए। व्यापारी देश का मुख्य अंग है। इसका शोषण नहीं होना चाहिए।
सुभाष अग्रवाल, संरक्षक अलवर जिला व्यापार महासंघ

जिस प्रकार अल्पसंख्यक आयोग है, उसी प्रकार एक व्यापारिक सुरक्षा आयोग बनाया जाना चाहिए। व्यापारी जो टैक्स देता है, उसे उसके बुरे दिनों में पेंशन के रूप में दिया जाना चाहिए। सारे नियमों का सरलीकरण होना चाहिए। एमआईए को आगे बढ़ाने के लिए अलवर में नए उद्योग स्थापित होने चाहिए।
मुकेश विजय, मंत्री अलवर जिला व्यापार महासंघ

व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पर्यटक स्थलों का विकास होना चाहिए। फूड प्लाजा संस्कृति को बढ़ावा मिलना चाहिए। अलवर एनसीआर में आता है, इसलिए इसमें व्यापारियों से खान-पान के आइटमों को टैक्स फ्री किया जाना चाहिए, ताकि व्यापार में वृद्धि हो सके।
दिनेश खण्डेलवाल, व्यापारी

एेसा नियम बनने चाहिए, जिससे बाहर की मंडियों से बिना टैक्स का माल नहीं आ सके। बाजारों का सौदर्यीकरण करने के लिए सरकार की ओर से योजना चलाई जानी चाहिए, जिससे कि ग्राहकों का आकर्षण बढ़े और सरकार को राजस्व की प्राप्ति हो। सरकार के द्वारा व्यापारियों के हित हेतु अन्य प्रभावी कदम भी उठाने चाहिए।
महेश खण्डेलवाल, अध्यक्ष आजाद मार्केट व्यापार संघ अलवर
टैक्स का सरलीकरण होना चाहिए। जो अनाधिकृत टैक्स है, वह समाप्त होना चाहिए। सरकार व्यापारियों के लिए कोई आपदा कोष गठित करे, ताकि जनहानि अथवा आकस्मिक आपदा से व्यापारी की हानि की पूर्ति की जा सके।
- अशोक जैन, पूर्व अध्यक्ष कपड़ा व्यापार मण्डल नौगावां।

व्यापारियों के सामूहिक बीमा की योजना बननी चाहिए। इसके लिए सरकार को बजट में घोषणा करनी चाहिए। सरकार को छोटे व्यापारियों को कर मुक्त करना चाहिए। इंस्पेक्टर राज खत्म कर उत्पादन इकाई पर ही नमूने लेने की कार्रवाई होनी चाहिए।
अमरसिंह, अध्यक्ष किराना व्यापार मण्डल नौगावां

राजस्थान ट्रेड आर्टिकल लाइसेंस की अनिवार्यता को अनुपयोगी मानते हुए पिछली सरकार ने समाप्त किया था। इस सरकार ने उसे पुन: शुरू कर मासिक रिटर्न भरने की व्यवस्था लागू कर दी। इसका कोई औचित्य नहीं है। बजट में इसे समाप्त करना चाहिए।
चेतन अग्रवाल, सचिव व्यापार मण्डल, खैरथल

राज्य सरकार को बजट में मंदी के दौर को देखते हुए टैक्स में छूट देनी चाहिए। सभी राज्यों में एकसमान टैक्स होना चाहिए। टैक्स में अन्तर से बॉर्डर क्षेत्र के व्यापारियों को सबसे अधिक हानि उठानी पड़ रही है। एकसमान टैक्स होने से व्यापार में वृद्धि होगी।
महावीर बालासिया, अध्यक्ष व्यापार मण्डल बानसूर

राज्य सरकार को बजट में बंद पड़े छोटे औद्योगिक क्षेत्रों को प्रोत्साहन देकर पुन: चालू कराना चाहिए। बहरोड़ की कृषि उपज मंडी का विस्तार होना चाहिए। मंडी टैक्स का सरलीकरण होना चाहिए। तभी व्यापारियों को राहत मिलेगी और व्यापार को गति मिलेगी।
-किशन लाल अग्रवाल, व्यापार मण्डल अध्यक्ष बहरोड़

बजट में जीएसटी का सरलीकरण होना चाहिए। दो करोड़ के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को कम्पोजिशन स्कीम में रखा जाने, रजिस्टर्ड व्यापारियों के लिए 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन स्कीम लागू की जाए। इसी तरह इनकम टैक्स छूट की सीमा चार लाख रुपए होनी चाहिए।
-खेमसिंह आर्य, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार महासंघ राजगढ़

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