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मरीजों के सैंपल लेते समय लैब की छत से मेज पर गिरा मलबा, स्टाफ और मरीज बाल-बाल बचे

अस्पताल के जर्जर भवन में उपचार करने को मजबूर चिकित्साकर्मी -करोड़ों की लागत से बनी बिल्डिंग फांक रही धूल, हादसा हुआ तो कौन जिम्मेदार ?
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गोविन्दगढ़. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह लगभग 8:45 बजे जब मरीजों के सैंपल लिए जा रहे थे, तभी लैब की छत से अचानक मलबा मेज पर आ गिरा। जिस समय मालवा गिरा था उसे समय सैंपल देने के लिए लगभग 20 से 25 मरीज मौजूद थे। गनीमत रही कि इस घटना में कोई भी स्टाफ सदस्य या मरीज को चोट नहीं आई। मलबा गिरते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। स्टाफ तथा मरीज भागकर बाहर आ गए। साथ ही सूचना प्रभारी डॉक्टर शिवकांत शर्मा को दी गई। हादसे के बाद उस कमरे को बंद कर दिया है। अब अस्थायी रूप से गैलरी में मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं।इस दौरान चर्चा रही कि झालावाड़ की घटना के बाद भी उपखंड प्रशासन गंभीर नहीं है। लगातार उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन की सुध नहीं ली जा रही है। अस्पताल के जर्जर भवन में चिकित्साकर्मी उपचार करने को मजबूर है। दूसरी ओर करोड़ों की लागत से बनी बिल्डिंग धूल फांक रही हैँ। उसका सदुपयोग नहीं हो रहा। अगर यहां बड़ा हादसा हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा ?

अधिकारियों को दे चुके सूचनावरिष्ठ लैब टेक्नीशियन रोहिताश कुमार वर्मा ने बताया कि लैब के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी पहले ही अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन भवन की कमी के कारण उन्हें जर्जर भवन में काम करना पड़ रहा है। हालांकि नगर पालिका की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सड़क का निर्माण व जर्जर भवन में रंग पेंट का कार्य करवा दिया है।भवन में ये जर्जर :

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन डॉक्टरों के कमरे, सामान्य वार्ड, वार्ड का बाथरूम, जच्चा बच्चा वार्ड के बाहर का हाॅल, डिलीवरी रूम के बाहर की गैलरी क्षतिग्रस्त है। आरोप है कि इनकी सुध नहीं ली जा रही । जिम्मेदार हादसा होने का इंतजार कर रहे हैं।

यह है विकल्पलगभग 3 वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पिछले हिस्से में बच्चों के लिए एक वार्ड का निर्माण किया गया था। तत्कालीन विधायक की ओर से उसका उद्घाटन किया गया, तभी से ही उस वार्ड में ताला लगा हुआ है। स्थानीय प्रशासन अगर इसे गंभीरता से लें तो जब तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन की मरम्मत नहीं होती, अस्थाई रूप से बच्चों के वार्ड में अस्पताल को संचालित किया जा सकता है।

......................जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दीघटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी। अब मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस कमरे को पूरी तरह से बंद कर दिया है।डॉक्टर शिवकांत शर्मा, प्रभारी सीएचसी, गोविन्दगढ।

...............नया भवन स्वीकृत हो गया

मामले की जानकारी है। नया भवन स्वीकृत हो गया है। भवन को शिफ्ट करने को लेकर मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी से बात करेंगे।

निहारिका शर्मा, उपखंड अधिकारी, गोविंदगढ़।