
अलवर की कटी घाटी। फोटो: पत्रिका
अलवर। राजस्थान के अलवर शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग 248-ए से घाटी खत्म हो जाएगी। वाहनों के रास्ते में घुमाव नहीं आएंगे। इसके लिए कटी घाटी पर वाई शेप पुल तैयार होगा। इसके लिए दिल्ली की कंपनी सर्वे कर रही है। बताते हैं कि सर्वे में पहले चरण में यही आ रहा है कि इस पुल का एक छोर भूगोर तिराहे की ओर होगा, जो हनुमान सर्किल से जुड़ेगा और दूसरा छोर अलवर शहर की ओर होगा, जिसका रास्ता भवानी तोप से होकर गुजरेगा।
तीन माह में यह सर्वे पूरा हो जाएगा। उसके बाद टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। करीब डेढ़ किमी लंबा पुल बनाने की योजना है। इसके लिए 27 लाख की लागत से दिल्ली की कंपनी सर्वे कर रही है। इस कंपनी ने हाल ही में कटी घाटी, ढाई पैड़ी व हनुमान सर्किल मार्ग की नाप-जोख की है।
सर्वे पूरा होने के बाद डीपीआर बनेगी। इस पुल के बनने से जयपुर जाने वाले वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी। इसके अलावा दिल्ली व अन्य स्थानों को जाने वाले वाहन भी सीधे पुल से गुजरेंगे।
नेशनल हाईवे के नियम कहते हैं कि मार्ग में ज्यादा घुमाव न हों। साथ ही दूसरे संपर्क मार्ग आसानी से मुख्य मार्ग से जुड़े हों, लेकिन कटी घाटी व भूगोर एरिया में घुमाव ज्यादा हैं, जिससे इस मार्ग पर सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती हैं। इसे कम करने के लिए ही पीडब्ल्यूडी एनएच विंग ने पुल का प्रस्ताव तैयार किया है।
चिनार स्कूल के आस-पास यह पुल तैयार होगा, जो कटी घाटी होते हुए भूगोर तिराहे की ओर सीधा उतरेगा। इसी पुल का दूसरा छोर कटीघाटी के मंदिर से मिनी सचिवालय की ओर उतारे जाने की योजना है। यह भी संभावना देखी जा रही है कि ढाई पैड़ी को भी इससे जोड़ा जाए। सर्वे की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही इसका डिजाइन आदि तैयार होगा।
पुल निर्माण के चलते कटीघाटी मार्ग को चौड़ा भी किया जाएगा। जमीन भी अधिग्रहण होगी। पीडब्ल्यूडी के एक इंजीनियर का कहना है कि कटीघाटी के पास नेशनल हाईवे पर ज्यादा मोड़ होने के कारण दुर्घटनाएं होती हैं। इसके लिए पुल बनाने की योजना है, जिसके लिए सर्वे चल रहा है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट आएगी और उसके बाद टेंडर किया जाएगा।
Updated on:
02 Dec 2025 10:10 am
Published on:
02 Dec 2025 10:10 am
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