
Soham Agrawal body
अंबिकापुर. 4 दिन पहले 17 साल के नाबालिग ने अपने घर की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। आत्महत्या के दूसरे दिन पिता की टेबल पर नाबालिग द्वारा लिखा गया 16 पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ। सुसाइड नोट में उसने जो बातें लिखीं हैं उसे पढ़कर कलेजा कांप उठेगा। छात्र के लिए जीवन एक मजाक था। वह एसी के रूम में बैठकर आराम करना चाहता था लेकिन ऐसे जिंदगी नहीं चलने का जिक्र भी किया था।
गौरतलब है कि विजय मार्ग निवासी संतोष अग्रवाल के 17 वर्षीय पुत्र सोहम अग्रवाल ने 12वीं की परीक्षा दी थी। उसने 2 मई की अलसुबह अपने घर के तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। छात्र को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए घटना के 1 घंटे बाद ही ट्रेन से कोटा के लिए रवाना होना था। उसकी मां उसे उठाने गई थी लेकिन वह अपने कमरे से नदारद था।
छत का दरवाजा खुला देख जब मां ऊपर पहुंची तो वहां भी बेटा दिखाई नहीं दिया। इसके बाद उसने छत से सभी ओर झांककर नीचे देखा तो घर के पीछे के हिस्से में जमीन पर बेटा पड़ा दिखाई दिया। वह तुरंत अपने पति के साथ नीचे पहुंची। यहां सिर से अधिक मात्रा में खून बह जाने के कारण उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने पंचनामा व पीएम के बाद शव उसके परिजनों को सौंप दिया था। पुलिस इस मामले में गुरुवार को छात्र के घर पहुंची। यहां उन्होंने पिता की टेबल पर छात्र द्वारा छोड़ा गया 16 पेज का सुसाइड नोट बरामद किया। इसमें छात्र द्वारा काफी सारी बातें लिखी गई थीं। छात्र अवसाद का शिकार हो चुका था।
ये लिखा सुसाइड नोट में
अपनी जिंदगी से निराश छात्र ने अपने सुसाइट नोट में लिखा है उसकी लिखावट काफी खराब है और उसे अब पढऩे की इच्छा नहीं होती है। वह कक्षा 7वीं के बाद से ही मरने का मन बना रहा है। मोटापा को लेकर भी मित्रों द्वारा उसे ताना दिया जाता था। इसके साथ ही उसके द्वारा दो ड्रोन बनाया गया था। उसने स्कूल में जब ड्रोन को अपने मित्रों के सामने चलाने का प्रयास किया तो वह नहीं चला। घर पहुंचा तो वह चलने लगा। इससे उसके दोस्तों के बीच उसकी किरकिरी हो गई।
जिंदगी एक मजाक है
छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा है कि 'अब सुनो, मेरे को जीने में कोई प्रॉब्लम नहीं है और आजकल तो कोई प्रॉब्लम नहीं है, पर नई पता क्यों अब और आगे बढऩे का मन नहीं है। आज आजकल लगता है कि बस आराम से पड़ा रहूं एसी रूम में। पर जिंदगी ऐसे नहीं जी सकता।
हर किसी को जीने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन मेरे को नहीं लगता है कि मैं और जी पाऊंगा। अब मुझे आराम चाहिए जो कि मुमकिन नहीं है, इसलिए जा रहा हूं सब मोह माया त्याग कर। अगर बच भी जाऊं तो मत बचाना। मुझे पता है कि जिंदगी एक मजाक नहीं है लेकिन मेरे लिए सब मजाक है। आप सब लोग मुझे सब कुछ दिए, बस मैं ही एक जीने की छोटी सी वजह नहीं ढूंढ पाया।'
Published on:
06 May 2018 02:36 pm
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