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रेडियो कॉलर पहने बहरादेव से लोग पहले से थे त्रस्त्र, अब 1 दर्जन हाथी भी मचाने लगे तबाही

हाथियों के दल ने 2 गांवों में आधा दर्जन से अधिक घरों को किया ध्वस्त, वन विभाग के प्रति लोगों का बढ़ता जा रहा आक्रोश
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 24 Aug 2018, 8:56 PM IST

Broken house

Elephants broken house

अंबिकापुर/पोड़ी मोड़. रेडियो कॉलर लगने के बाद लगातार उत्पात मचा रहे बहरादेव हाथी से ग्रामीण तो परेशान थे ही, अब प्रतापपुर क्षेत्र में आ धमके एक दर्जन से ज्यादा हाथियों ने विभाग के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है।

एक हफ्ते से क्षेत्र में आये इस दल ने परमेश्वरपुर, हरिहरपुर के आसपास कई घरों को ध्वस्त करने के साथ फसलों को नुसान पहुंचाया है। वहीं वन अमला अभी तक बहरादेव हाथी को तमोर पिंगला तक ले जाने में नाकामयाब रहा है।


गौरतलब है कि बहरादेव हाथी को तीन लाख की लागत का रेडियो कॉलर वन विभाग ने इस उद्देश्य से लगाया था कि उसके पल-पल के लोकेशन की जानकारी मिलेगी। इससे जन-धन की हानि रोकी जा सकेगी, लेकिन रेडियो कॉलर लगने के बाद यह हाथी और आक्रामक हो गया है और प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में स्वच्छंद विचरण कर आए दिन उत्पात मचा रहा है।

इस हाथी से प्रभावित गांव के लोग व वन कर्मचारी परेशान थे ही कि इसी बीच अब प्रतापपुर क्षेत्र में आये एक दर्जन से ज्यादा हाथी वन विभाग के लिए नई मुसीबत बन गए हैं। करीब एक हफ्ते से क्षेत्र में आये हाथियों के दल ने कई घरों को ध्वस्त करने के साथ बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचाया है।

करीब एक हफ्ते पहले हाथियों का यह दल वाड्रफनगर रेंज के झोर बड़कागांव क्षेत्र से घाटपण्डारी होकर देवरी के रास्ते जजावल के जंगल में चला गया था। यहां से यह दल हरिहरपुर, परमेश्वरपुर गांव में आबादी की ओर चला गया।

बुधवार और गुरुवार की रात इस दल ने इन गांवों के खरसोता, सुरीतपारा सहित अन्य मोहल्ले में ग्रामीणों के घरों को जमकर नुकसान पहुंचाया तथा खेतों में लगी फसल को बर्बाद कर दिया।


जजावल से रात में पहुंचता है हाथियों का दल
बताया जा रहा है हाथियों का यह दल जजावल से दरहोरा होकर रात में इन गांवों में पहुंचता है और तबाही मचाता है। एक लंबे समय इन गांवों में हाथियों का आना जाना नहीं था, अचानक इनके पहुंचने से बुधवार की रात ग्रामीण दहशत में आ गये थे। उन्होंने खुद को सुरक्षित रखने के साथ हाथियों को खदेडऩे के प्रयास में जुट गए।


दहशत में किया रतजगा
इन गांवों ग्रामीण बुधवार को पूरी रात जागरण करते रहे तथा गुरुवार की रात को भी सतर्क रहे, लेकिन हाथियों को नुकसान करने से नहीं रोक पाए। यहां नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों का यह दल भोर में जजावल और खरसोता के बीच जंगलों में डटा हुआ है तथा आसपास के गांव के लोग दहशत में हैं। बताया जा रहा है कि बहरादेव भी इसी दल के साथ शामिल हो गया है।

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