12 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

EOW ने खोली इन घोटालों फाइल, जांच से इन जिलों में मचा हुआ है हड़कंप

सरगुजा में फर्नीचर खरीदी व बलरामपुर में उद्यानिकी विभाग, सड़क निर्माण, परिचय पत्र व ड्रेस खरीदी में हुई थी बड़ी गड़बड़ी

3 min read
Google source verification
EOW investigation

EOW team in Ambikapur

अंबिकापुर. आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने सोमवार को डीईओ कार्यालय पहुंच फर्नीचर खरीदी के मामले में दस्तावेजों को खंगाला। नए सिरे से जांच करने की वजह से इस पूरे मामले की जांच में समय लगने की बात बताई जा रही है। इसके साथ ही बलरामपुर के उद्यानिकी विभाग, पीडब्ल्यूडी, मतदाता परिचय पत्र व गणवेश खरीदी मामले में भी जांच शुरू की।


गौरतलब है कि वर्ष 2010-11 व 2011-12 के दौरान सरगुजा जिले में शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न स्कूलों के लिए फर्नीचर की खरीदी की गई थी। फर्नीचर खरीदी के मामले में शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगा था। इसके साथ ही जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने फर्नीचर खरीदी मामले में अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए जमकर हेराफेरी की गई थी।

आरटीआई में इस मामले का खुलासा होने के बाद इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को की गई थी। लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद बलरामपुर व सीतापुर विधायक द्वारा आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो के रायपुर कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शासन के आदेश के बाद ईओडब्ल्यू ने मामले में जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की थी।

फर्नीचर खरीदी मामले में शिक्षा विभाग द्वारा राजीव गांधी शिक्षा मिशन के लेखापाल को बर्खास्त कर पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया था। लेकिन ईओडब्ल्यू ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए सोमवार को मामले में साक्ष्य एकत्रित करने के रायपुर की तीन सदस्यीय टीम डीएसपी विश्वास चंद्राकर के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंची। कार्यालय पहुंच टीम के सदस्यों ने फर्नीचर खरीदी से संबंधित समस्त दस्तावेजों को जब्त करने के बाद उसकी जांच शुरू की।

सुबह से दस्तावेजों की जांच करने के बाद भी शाम तक जांच पूरी नहीं हो सकी। ईओडब्ल्यू की टीम मंगलवार को भी जांच जारी रखेगी। टीम में इंस्पेक्टर फरहान कुरैशी व नरेन्द्र वनदोर शामिल थे।


फर्नीचर खरीदी में प्राचार्यों से भी होगी पूछताछ
फर्नीचर खरीदी मामले में जिस कम्पनी द्वारा फर्नीचर की सप्लाई की गई है। इससे सप्लाई से संबंधित समस्त वाउचर की जांच की जा रही है। इसके साथ ही जिस वाहन से फर्नीचर स्कूलों तक पहुंचाया गया या स्टोर तक पहुंचाया गया है। उस वाहन की रशीद की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही संबंधित कम्पनी के सभी बैंक खाते से हुए ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है। अंबिकापुर के जिस फर्म द्वारा फर्नीचर की सप्लाई की गई थी, उसके भी बैंक खातों को भी जांच की जाएगी। फर्नीचर खरीदी के मामले में जिन स्कूलों में सप्लाई की गई थी, उनके प्राचार्यों से भी पूछताछ करने के बाद उनके स्टॉक रजिस्टर की भी जांच की जाएगी।


उद्यानिकी में 8 करोड़ की गड़बड़ी
बलरामपुर जिले के उद्यानिकी विभाग में ग्रीन हाउस बनाने के नाम पर लगभग ८ करोड़ रुपए की गड़बड़ी किए जाने की शिकायत ईओडब्ल्यू के कार्यालय में की गई थी। शिकायत के आधार पर टीम ने उद्यानिकी विभाग में जांच करते हुए संबंधित मामले के दस्तावेजों की भी जांच की और गड़बड़ी से संबंधित जरूरी दस्तावेज एकत्रित किया। इसके साथ ही रामानुजगंज विधायक व सामरी विधायक ने मतदाता परिचय पत्र के मामले को लेकर मुख्य सचिव सहित कमिश्नर को गड़बड़ी किए जाने की शिकायत की गई थी। शासन के निर्देश के बाद इस मामले की जांच ईओडब्ल्यू की टीम ने शुरू की। इससे संबंधित दस्तावेज भी साक्ष्य के लिए एकत्रित किए गए।


6 करोड़ से अधिक की थी खरीदी
डीएसपी विश्वास चंद्राकर ने बताया कि सरगुजा जिले में शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2010-11 व 2011-12 के लिए फर्नीचर की खरीदी की गई थी। अलग-अलग स्कूलों के लिए लगभग 6 करोड़ रुपए की खरीदी की गई थी। इसमें सभी निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर खरीदी की गई थी।


प्रतापपुर-चलगली मार्ग की गड़बड़ी की भी शुरू हुई जांच
टीम द्वारा बलरामपुर मेंं पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कराये गए सड़क निर्माण के मामले की जांच की गई। इस मामले में लगभग 3 करोड़ रुपए के हेराफेरी की शिकायत की गई थी।


वर्ष 2015 में शासन ने दिए थे एफआईआर के आदेश
स्कूल शिक्षा विभाग के तात्कालीन सचिव द्वारा शिकायत पर तत्काल एक्शन लेते हुए राजीव गांधी शिक्षा विभाग के चार लोगों पर व संबंधित फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। लेकिन अब तक इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। लेकिन ईओडब्ल्यू के इस कार्रवाई से मामले के खुलासा होने की उम्मीद है।


नियम को ताक पर रखकर खरीदे गए थे गणवेश
ईओडब्ल्यू की टीम ने बलरामपुर जिले के राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा ८ करोड़ रुपए के गणावेश की खरीदी किए जाने के मामले की भी जांच शुरू की। राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा गणवेश खरीदी के दौरान नियमों को ताक पर रखकर पूरी खरीदी की गई थी, और समूह के महिलाओं के बजाए अपने चहेतों को पूरा काम सौंप दिया गया था। इसकी शिकायत होने पर रविवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने बलरामपुर जिले में पहुंच गणावेश खरीदी के मामले में दस्तावेजों को खंगालने के बाद साक्ष्य एकत्रित किया।


की जा रही है जांच
सभी मामले में दस्तावेजों को जांच की जा रही है। कितना समय जांच में लगेगा इसे नहीं बताया जा सकता है। क्योंकि पूरा मामला तकनीकी है। इस मामले में साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं और निश्चित ही जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
विश्वास चंद्राकर, डीएसपी

ये भी पढ़ें

image

बड़ी खबरें

View All

अंबिकापुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग