
Childrens rally
अंबिकापुर. कन्या भू्रण की गर्भ में हत्या को रोकने केंद्र से लेकर राज्य शासन तक योजनाएं चलाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। इसके बावजूद इसमें कमी नहीं आ रही है। वहीं बेटियों को बचाने व पढ़ाने के लिए भी ढेरों प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के नन्हें बच्चों ने भी बेटियों को बचाने व उन्हें पढ़ाने के लिए मंगलवार को शहर में रैली निकाली।
किड्जी प्री स्कूल के ये बच्चे हाथों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सेव गल्र्स चाइल्ड की तख्ती लिए तोतली जुबान में लोगों को संदेश देकर जागरुक करते रहे। इन नन्हे कदमों को देखकर बड़े-बुजुर्ग भी कुछ देर के लिए रुक गए। इतनी छोटी उम्र में बच्चों को भले ही इन शब्दों का अर्थ पता न हो लेकनि जो संदेश इन्होंने समाज को देने का प्रयास किया वह काफी सराहनीय है।
छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का बोर्ड देखकर मंगलवार को शहर के लोगों के कदम थोड़ी देरी के लिए खुद ही थम गए। घड़ी चौक पर किड्जी प्री स्कूल के बच्चों के हाथों में वो बोर्ड नजर आए जो आज बड़े-बड़े लोगों के हाथों में भी नजर नहीं आते। इन बच्चों की संख्या भले ही काफी कम थी लेकिन इसके बावजूद ये जो संदेश देना चाहते थे उसकी शहर में काफी चर्चा रही।
नन्हे कदमों से सभी बच्चे गांधी चौक की तरफ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं का नारा लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। उन्हें भले ही इन नारों का मतलब पता नहीं था, लेकिन इसके बावजूद वे भारी बोर्ड लेकर आगे बढ़ रहे थे। थोड़ा आगे बढऩे पर उनके हाथ थक जाते थे। इसके बावजूद वे नारा लगाते हुए बोर्ड लेकर आगे बढ़ते चले गए।
गांधी चौक पर सभी बच्चे गांधी जी की प्रतिमा के पास पहुंचकर उन्हें पुष्प अर्पित कर राष्ट्रगान गाया। इसके बाद सभी बच्चों ने वहां भी यही संदेश आने-जाने वालों लोगों को दी। इस दौरान शेखर गोयल, जयंती अयंगर, रामेन्द्र सिंह, रीता सिंह, शिल्पा सिंह, राधिका सिंह, श्वेता जिंदल, दीपक जिंदल, नवनीकांत दत्ता, रवि व अन्य लोग उपस्थित थे।
शासन की भी है यही मंशा
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा राजनीतिक पाटियों की ओर से भी लगता आया है। शासन-प्रशासन की भी यही मंशा है कि कन्या भू्रण की हत्या न हो। बेटियों को भी बेटों जैसा सभी सम्मान दें।
Published on:
19 Sept 2017 07:55 pm
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