
CCF meet injured villager
अंबिकापुर. सूरजपुर जिले के ग्राम धरमपुर जंगल में ५ साथियों के साथ सोमवार की सुबह खुखड़ी बीनने गए एक वृद्ध का सामना अचानक हाथी से हो गया। हाथी ने सूंड से उठाकर उसे पटक दिया। इस दौरान वह सांस रोक कर जमीन पर लेट गया। उसे मरा समझकर हाथी अन्य लोगों को दौड़ाने लगा तो वह घायलावस्था में भाग खड़ा हुआ।
वहां से वह राहगीर के साथ सोनगरा पहुंचा, जहां से उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। यहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। इधर घटना की जानकारी मिलने पर सीसीएफ ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच घायल का हालचाल पूछा और परिजनों को सहायता राशि प्रदान की।
सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत धरमपुर निवासी 65 वर्षीय प्रेमसाय कंवर अपने ५ साथियों के साथ सोमवार की सुबह झापी नाला के समपी जंगल में खुखड़ी बीनने गया हुआ था। सभी थोड़ी-थोड़ी दूरी पर खुखड़ी बीन रहे थे। इसी दौरान अचानक जंगल में झाडिय़ों के बीच से एक दंतेल हाथी निकला।
हाथी को देखकर बाकी सभी तो वहां से जंगल की तरफ भाग गए। लेकिन प्रेमसाय कंवर हाथी के सामने आ गया। हाथी ने उसे दौड़ाकर पटक दिया। हाथी के हमले में वह घायल हो गया था, लेकिन जान बचाने के लिए वह सांस बंद कर लेट गया था। हाथी उसे मरा हुआ समझकर उसके साथियों के तरफ बढ़ गया।
हाथी को अपने तरफ आते देख बाकी सभी साथी वहां से भाग गए। इसी दौरान प्रेमसाय ने मौका देख वहां से भागकर किसी तरह से मुख्य मार्ग के पास पहुंचा। इस दौरान वहां से एक बाइक सवार जा रहा था, जिसने घायल प्रेमसाय को बाइक में बैठाकर तत्काल सोनगरा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक इलाज करने के बाद डाक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। जहां उसे भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
हालचाल पूछने पहुंचे सीसीएफ
घटना की जानकारी लगते ही सीसीएफ केके बिसेन वन अमले के साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल से हालचाल पूछा और उसे तात्कालिक सहायता राशि ५ हजार रुपए प्रदान किया। सीसीएफ ने डॉक्टरों से उसके इलाज के संबंध में जानकारी ली।
मशरूम कल्चर का देंगे वन विभाग प्रशिक्षण
ग्रामीण खुखड़ी बीनने जंगल में लगातार जाते रहते हैं और अक्सर हाथियों से आमना-सामना हो जाता है। इसमें ग्रामीणों की जान भी चली जाती है। इसे देखते हुए वन विभाग द्वारा खुखड़ी संग्रहण केंद्र की स्थापना करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही ग्रामीणों को मशरूम कल्चर उत्पादन करने का प्रशिक्षण भी वन विभाग द्वारा दिया जाएगा। ताकि ग्रामीणों को खुखड़ी बीनने के लिए जंगल में न जाना पड़े।
Published on:
09 Oct 2017 08:20 pm
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