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मासूम बेटे को छोड़कर मां गई थी शौच करने, इसके बाद जो हुआ उसे जानकर होश आ जाएंगे ठिकाने

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हो पाने के कारण स्थानीय अस्पताल में ही चल रहा इलाज, डॉक्टर कर चुके हैं रेफर

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injured son

burnt child

कुसमी. एक महिला शुक्रवार की शाम अपने 2 वर्षीय बेटे को घर में ही छोड़कर खेत की ओर शौच करने गई थी। इसी बीच खेलते-खेलते मासूम मक्के की सूखी फसल के उस ढेर तक पहुंच गया, जहां आग लगी थी। आग की लपटों की चपेट में आ जाने से मासूम झूलसकर गंभीर रूप से घायल हो गया।

बच्चे की रोने की आवाज सुनकर मां वहां पहुंची और बेटे को बचा लिया। इसके बाद परिजनों द्वारा मासूम को कुसमी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां मासूम की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। लेकिन परिजन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसका कुसमी अस्पताल में ही इलाज जारी है।


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र के सरहद से लगे झारखण्ड राज्य के महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम ओरसा के बांसडीहपारा निवासी सुखदेव नगेशिया का 2 वर्षीय पुत्र सनिल नगेशिया को शुक्रवार की शाम लगभग ४ बजे उसकी मां घर के समीप छोड़ कर खुले में शौच के लिए गई थी।

इसी बीच घर के समीप रखे मक्के की फसल को निकालने के बाद बची हुई मकाठी के ढेर में अचानक आग लग गई। इससे वहां खेल रहा मासूम बेटा आग की लपटों के बीच घिर गया। देखते ही देखते मासूम के कपड़े में आग लग गई। इससे वह जोर-जोर से रोने लगा।

बेटे की रोने की आवाज जब मां के कानों तक पहुंची तो वह बदहवास दौड़ती हुई वहां पहुंची। उसने देखा कि बेटे के कपड़े में आग लगी हुई है और वह छटपटा रहा है। उसने तत्काल बेटे को आग के बीच से निकाला और आग लगे कपड़े को किसी तरह खोल कर फेंका। इस दौरान बालक करीब 70 प्रतिशत जल चुका था।

वह दर्द से कराह रहा था। यह देखकर महिला ने पति सहित परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों द्वारा उसे तत्काल कुसमी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों द्वारा बालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया।

लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिजन उसे मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर तक नहीं ला पाए। फिलहाल बालक का उपचार कुसमी अस्पताल में ही चल रहा है। मासूम बेटे की हालत देख मां का रो-रोकर बुरा हाल है।